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ये है भारत का राष्ट्रीय पेड़, जिसमें बसते हैं त्रिदेव, 500 साल तक देता सकता है जीवन की छांव!

Written by:Sanjucta Pandit
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कुछ पेड़ सालों व सदियों तक बने रहते हैं, तो कुछ पेड़ ऐसे भी होते हैं जिनकी लाइफ बहुत कम होती है। इसी तरह हर देश का अपना अलग-अलग राष्ट्रीय प्रतीक होता है। ऐसे में आज के आर्टिकल में हम आपको भारत का राष्ट्रीय पेड़ के बारे में बताएंगे।

पृथ्वी पर जिंदा रहने के लिए किसी भी इंसान को ऑक्सीजन पानी खाना जरूरी होता है। यह सब कुछ पेड़-पौधे, नदी-तालाब से मिलता है। पेड़ पौधे जिंदगी जीने के लिए बहुत जरूरी है। घर के आस-पास पेड़ पौधे लगे होने से वायु प्रदूषण कम होता है। यह हवा को शुद्ध करते हैं। साथ ही मिट्टी की रक्षा करते हैं। इनके बिना जीवन असंभव है। पूरे विश्व की बात करें, तो सभी क्षेत्र में अलग-अलग तरह के पेड़ पौधे पाए जाते हैं। इन सभी की अपनी अलग-अलग खासियत और महत्व है।

कुछ पेड़ सालों व सदियों तक बने रहते हैं, तो कुछ पेड़ ऐसे भी होते हैं जिनकी लाइफ बहुत कम होती है। इसी तरह हर देश का अपना अलग-अलग राष्ट्रीय प्रतीक होता है। ऐसे में आज क्या आर्टिकल में हम आपको भारत का राष्ट्रीय पेड़ के बारे में बताएंगे।

बरगद

दरअसल, भारत का राष्ट्रीय पेड़ बरगद है। जिसका जिक्र ग्रंथों और पुराणों में भी पाया जाता है। जिनका खास महत्व होता है। हिंदू धर्म में इस पेड़ को बहुत ही ज्यादा पवित्र माना जाता है। लोग इस पेड़ की पूजा करते हैं। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, बरगद के पेड़ में त्रिदेव का वास होता है। हिंदू धर्म में इस पेड़ को देव वृक्ष और पूजनीय माना जाता है। इसकी जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में शिव का वास होता है। मान्यता है कि बरगद की जड़ को घर में रखा जाए, तो इसे सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है। सुख समृद्धि आती है, नकारात्मक शक्तियां दूर होती है। इसके अलावा, धन दौलत की भी कभी कोई कमी नहीं रहती।

सालों पुराना है पेड़

जानकारों के अनुसार, बरगद के पेड़ की आयु 200 से 300 साल तक होती है, लेकिन कुछ बरगद के पेड़ 500 साल से भी अधिक जीवित रहते हैं। बरगद का सबसे विशालकाय पेड़ पश्चिम बंगाल के हावड़ा शहर कोलकाता के अचार्य जगदीश चंद्र बोस बोटैनिकल गार्डन में स्थित है, जो कि लगभग 250 साल पुराना है। इसकी जड़े और शाखाएं इतनी बड़ी है कि देखने से ऐसा लगता है कि आप किसी जंगल में आ गए हैं।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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