लोकायुक्त पुलिस उज्जैन की टीम ने नीमच में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई की है, टीम ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक और अधीक्षक को 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, खास बात ये है जिला संयोजक राकेश राठौर का हाल ही में ट्रांसफर हुआ है और आज वो रिलीव हो रहे थे इस दौरान रिलीव होने से कुछ देर पहले उन्हें रिश्वत लेते पकड़े गए
नीमच जिला कलेक्टर कार्यालय में आज उस समय हडकंप मच गया जब आदिम जाति कल्याण विभाग के दो अधिकारियों को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया, लोकायुक्त की मौजूदगी की खबर आग की तरह कलेक्ट्रेट में फैसल गई और लोग कानाफूसी करने लगे।
आदिम जाति कल्याण विभाग के दो अधिकारी लोकायुक्त ने दबोचे
लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के डीएसपी दिनेश चंद्र पटेल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जूनियर कन्या छात्रावास कुकड़ेश्वर की अधीक्षिका कुरदुल्ला इक्का को पूर्व में कलेक्टर द्वारा निलंबित किया गया था फिर निलंबन के बाद बहल करते हुए विभागीय जाँच बैठा दी थी, जांच आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक राकेश राठौर कर रहे थे और उनका सहयोग उत्कृष्ट बालक छात्रावास नीमच के अधीक्षक हरीश चौहान कर रहे थे।
पक्ष में जांच करने और रुका हुआ वेतन निकालने मांगी रिश्वत
आवेदन में इक्का ने आरोप लगाये कि दोनों अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट शिकायतकर्ता के पक्ष में करने और रुका हुआ वेतन दिलाने के नाम पर सवा लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। अधीक्षिका इक्का ने इसकी शिकायत उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में की। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई और महज 24 घंटे के भीतर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए दोनों आरोपियों को रिश्वत की राशि लेते हुए पकड़ लिया।
आज गुरुवार को हो रहे थे रिलीव, थोड़ी देर पहले रिश्वत लेते पकड़े गए
आपको बता दें पिछले दिनों जारी आदिम जाति कल्याण विभाग की तबादला सूची में जिला संयोजक राकेश राठौर का नाम भी शामिल है उन्हें नीमच से ट्रांसफर कर सहायक परियोजना प्रशासक एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना झाबुआ पदस्थ किया गया है। उन्हें आज गुरुवार को ही झाबुआ के लिए रवाना होना था। लेकिन रवाना होने से कुछ देर पहले ही लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। टीम ने आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।






