रात को नींद न आने या बार-बार टूटने की समस्या से हैं परेशान, तो सोने से पहले कर लें ये 5 योगासन

आजकल की व्यस्त जिंदगी और स्ट्रेस के कारण नींद न आने की समस्या आम हो गई है। इसे दूर करने के लिए योगासन बेहद फायदेमंद हैं। ऐसे आसन तनाव कम करके दिमाग और शरीर को रिलैक्स करते हैं।
Yoga

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी ने इंसान को कई तरह की समस्याओं से घेर लिया है। सुबह से रात तक का शेड्यूल इतना बिजी हो गया है कि खुद के लिए वक्त निकालना मुश्किल होता जा रहा है। लोग दिनभर के स्ट्रेस और थकान को लेकर बिस्तर पर जाते हैं, लेकिन नींद नहीं आती। कोई करवटें बदलता रहता है, तो किसी की रात बार-बार नींद टूटने में गुजर जाती है। मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल, ऑफिस का प्रेशर, फाइनेंशियल टेंशन और अनहेल्दी लाइफस्टाइल इनसॉम्निया, मेंटल हेल्थ, शुरग जैसी बीमारियों को जन्म दे रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर और एक्सपर्ट्स लाइफस्टाइल में बदलाव करने के साथ-साथ योगासन को अपनाने की भी सलाह दे रहे हैं। बता दें कि योग शरीर को फिट रखने के साथ ही स्ट्रेस, एंग्जायटी और स्लीप डिसऑर्डर जैसी समस्याओं को भी दूर करता है।

आज के आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताएंगे, जिन्हें सोने से पहले करने पर स्ट्रेस कम होगा। साथ ही नींद सही तरीके से आएगी, जिससे आप दिनभर एनर्जेटिक फील कर पाएंगे।

बालासन (Child Pose)

बालासन को बच्चों की मुद्रा भी कहा जाता है। यह आसन करने में बेहद आसान है। इससे मन को तुरंत शांति मिल जाती है। इसके लिए घुटनों के बल बैठकर शरीर को आगे झुकाना और माथे को जमीन पर टिकाना है। कुछ मिनट इस आसन में गहरी सांस लेते हुए रुकने से पीठ, कंधे और गर्दन का तनाव खत्म होता है। यह आसन दिमाग को रिलैक्स करता है।

सुप्त बद्धकोणासन (Reclined Bound Angle Pose)

अगर दिनभर की थकान से शरीर टूटा-फूटा सा महसूस कर रहा है, तो यह आसन बेहद फायदेमंद है। पीठ के बल लेटकर पैरों के तलवों को मिलाना और घुटनों को दोनों ओर फैला कर इसे किया जा सकता है। इस पोजीशन में 5-10 मिनट रहने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और पेल्विक एरिया में खिंचाव आता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह आसन तनाव कम करता है और नींद की गुणवत्ता को मजबूत करता है।

विपरीत करनी (Legs Up Wall Pose)

इस आसन को करने के लिए किसी दीवार का सहारा लेना पड़ता है। पैरों को दीवार पर ऊपर उठाकर शरीर को रिलैक्स पोजीशन में रखना होता है। यह आसन दिमाग और नर्वस सिस्टम को शांत करता है। इससे पैरों की थकान दूर होती है और ब्लड फ्लो बेहतर होता है। 5 से 10 मिनट इस पोजीशन में रहने से शरीर का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है और नींद अच्छी आती है।

हलासन (Plow Pose)

यह आसन थोड़ा कठिन है, लेकिन इसके फायदे बहुत हैं। पीठ के बल लेटकर पैरों को सिर के पीछे जमीन पर टिकाना और हाथों से पीठ को सपोर्ट करना पड़ता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और थायरॉयड ग्लैंड्स को एक्टिव करता है। हलासन से मानसिक तनाव काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि, जिन लोगों को गर्दन की समस्या है, उन्हें यह आसन करने से बचना चाहिए।

शवासन (Corpse Pose)

योग का सबसे जरूरी और अंतिम आसन शवासन है। इसे करने के लिए सिर्फ लेट जाना होता है। फिर आंखें बंद करके, हाथ-पैरों को फैलाकर और गहरी सांस लेते हुए शरीर के हर हिस्से को ढीला छोड़ देने से तनाव गायब हो जाता है। यह आसन इनसॉम्निया के मरीजों के लिए बेहद असरदार माना जाता है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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