भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार आज प्रदेश के किसानों, सरकारी कर्मचारियों और राजस्व से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में सुबह 11 बजे से शुरू हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है, जिन पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं।
इन फैसलों का सीधा असर राज्य की आर्थिक व्यवस्था से लेकर लाखों किसानों और कर्मचारियों के जीवन पर पड़ सकता है। सरकार की कोशिश राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ किसान और कर्मचारी वर्ग को भी साधने की है।
राजस्व बढ़ाने पर जोर: नई आबकारी नीति को मिल सकती है मंजूरी
बैठक के एजेंडे में सबसे प्रमुख प्रस्तावों में से एक राज्य की नई आबकारी नीति है। सूत्रों के अनुसार, इस नई नीति के माध्यम से सरकार ने लगभग 19 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस नीति का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना ही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना भी है। यदि कैबिनेट इस पर मुहर लगाती है, तो यह प्रदेश के राजस्व संग्रह में एक बड़ा कदम होगा।
किसानों के लिए सोयाबीन खरीदी का प्रस्ताव
कैबिनेट की इस बैठक में किसानों से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी हो सकता है। सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सोयाबीन की खरीद को लेकर एक प्रस्ताव ला सकती है। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 13.16 लाख टन सोयाबीन खरीदने का लक्ष्य दिया है।
जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार करीब 13 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन की खरीद करेगी। इसके लिए केंद्र से लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। वहीं, किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए मार्कफेड के माध्यम से करीब 1100 करोड़ रुपये का ऋण भी लिया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, 25 अक्टूबर से सोयाबीन की खरीदी शुरू की जा सकती है। मुख्यमंत्री पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि किसानों को फसल बेचने के तीन दिन के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा।
क्या कर्मचारियों को मिलेगी डीए की सौगात?
प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को भी इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं। लंबे समय से कर्मचारी संगठन महंगाई भत्ते (DA) को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर करने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में, राज्य के कर्मचारियों को केंद्र की तुलना में 4 प्रतिशत कम डीए मिल रहा है। मार्च में डीए में बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन यह अंतर अभी भी बना हुआ है। आज की बैठक में इस अंतर को पाटने के लिए सरकार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है।





