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विश्व के पहले नवग्रह शक्तिपीठ की कल डबरा में होगी प्राण प्रतिष्ठा, डॉ. केसवानी बोले – यह नरोत्तम मिश्रा के सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक

Written by:Gaurav Sharma
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले का डबरा 10 से 20 फरवरी तक एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का गवाह बनेगा। यहां पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के सान्निध्य में विश्व के पहले नवग्रह शक्तिपीठ की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है, जिसमें बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री और पं. प्रदीप मिश्रा समेत देश के बड़े संत-महात्मा शामिल होंगे।
विश्व के पहले नवग्रह शक्तिपीठ की कल डबरा में होगी प्राण प्रतिष्ठा, डॉ. केसवानी बोले – यह नरोत्तम मिश्रा के सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक

ग्वालियर का डबरा नगर एक ऐसे आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महोत्सव की मेजबानी करने जा रहा है जो इसे वैश्विक धार्मिक मानचित्र पर स्थापित कर सकता है। यहां 10 फरवरी से विश्व के पहले भव्य नवग्रह शक्तिपीठ मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह शुरू होगा, जो 20 फरवरी तक चलेगा। इस मंदिर की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि यहां नौ ग्रह अपनी-अपनी पत्नियों के साथ विराजमान होंगे।

पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में हो रहे इस महा-आयोजन की शुरुआत 10 फरवरी को एक विशाल कलश यात्रा से होगी। आयोजकों का अनुमान है कि स्टेडियम ग्राउंड से शुरू होने वाली इस यात्रा में 20 हजार से अधिक महिलाएं शामिल होंगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नवग्रह शक्तिपीठ तक पहुंचेंगी।

देश के दिग्गज संत और कथावाचक होंगे शामिल

यह 11 दिवसीय महोत्सव देश के प्रख्यात संतों, कथावाचकों और आध्यात्मिक हस्तियों का संगम बनेगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, देश की कई बड़ी आध्यात्मिक विभूतियां यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी।

कार्यक्रम का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

  • 11 से 13 फरवरी: प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) शिव महापुराण कथा का वाचन करेंगे।
  • 14 से 16 फरवरी: प्रख्यात कवि कुमार विश्वास अपनी विशेष काव्य प्रस्तुति “अपने-अपने राम” पेश करेंगे।
  • 17 से 20 फरवरी: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा और दिव्य दरबार का आयोजन होगा।

इनके अलावा, दांती महाराज, पंडोखर धाम के गुरुशरण शर्मा, धूमेश्वर धाम, दंदरौआ धाम और रावतपुरा सरकार सहित कई प्रमुख मठों के शंकराचार्य और संत भी इस आयोजन में भाग लेंगे।

भव्य यज्ञशाला और विशेष अनुष्ठान

प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान एक नौ मंजिला भव्य यज्ञशाला में विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। संत बद्रीश जी महाराज और उनके 70 उपासकों की टीम पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न कराएगी। बताया गया है कि प्रतिदिन प्रत्येक ग्रह देवता के लिए एक-एक लाख आहुतियां दी जाएंगी। वहीं, दांती महाराज पूरे दस दिनों तक विशेष साधना करेंगे।

“यह विश्व का पहला नवग्रह शक्तिपीठ न केवल डबरा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन का एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाएगा। हमारा विश्वास है कि इस शक्तिपीठ की स्थापना से देश और प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बनेगा।”- डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पूर्व गृह मंत्री

डॉ. मिश्रा ने कहा कि पूरा डबरा नगर एक परिवार की तरह इस आयोजन को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर काम कर रहा है।

‘सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक’

इस आयोजन को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह शक्तिपीठ डॉ. मिश्रा की दूरदर्शिता और सनातन संस्कृति के प्रति उनके गहरे समर्पण का प्रतीक है।

डॉ. केसवानी ने कहा, “डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने हमेशा डबरा और मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक विकास को प्राथमिकता दी है। यह नवग्रह शक्तिपीठ आने वाले समय में डबरा को एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, जिससे प्रदेश में पर्यटन, रोजगार और सांस्कृतिक जागरण को नई दिशा मिलेगी।”