भोपाल: मध्य प्रदेश के लिए निवेश और व्यापार के नए रास्ते तलाशने दुबई पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चार दिवसीय दौरे का पहला दिन प्रवासी भारतीयों से संवाद, वैश्विक निवेशकों से मुलाकात और प्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच देने के नाम रहा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करना नहीं, बल्कि निवेशकों के साथ ऐसी दीर्घकालिक साझेदारी बनाना है जो प्रदेश के आर्थिक विकास को आगे बढ़ाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितंबर तक होने वाली AIM Congress 2026 में भी शामिल होगा। यहां प्रदेश की औद्योगिक क्षमता से लेकर निवेश के नए अवसरों तक को दुनिया के निवेशकों के सामने रखा जाएगा।
दुबई में MP की कला और कारीगरी भी बनी पहचान
मुख्यमंत्री ने ताज दुबई, बिजनेस बे में मध्य प्रदेश के ODOP और GI उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें प्रदेश के छह खास उत्पाद बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर कारपेट प्रदर्शित किए गए।
इसके पीछे मकसद प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को केवल प्रदर्शनी तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और बाजार से जोड़ना है। सरकार इसे कारीगरों के लिए कारोबार और निर्यात के नए अवसर तैयार करने की दिशा में भी देख रही है।

भारतीय राजदूत के साथ निवेश पर रणनीतिक चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी से भी मुलाकात की। चर्चा में मध्य प्रदेश की औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, निवेश नीतियों और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड्स, बड़े कॉर्पोरेट समूहों और संस्थागत निवेशकों को मध्य प्रदेश से जोड़ने में भारतीय मिशन का सहयोग मांगा। साथ ही दोनों अधिकारियों को आगामी Global Investors Summit-2027 में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
अरब देशों के साथ कृषि से इंफ्रास्ट्रक्चर तक सहयोग पर बात
अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष दोपहर भोज के दौरान भी मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पर्यटन और शिक्षा के साथ नवकरणीय ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों को निवेश के लिए सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने अल यामाही और अरब देशों के कारोबारी प्रतिनिधिमंडल को मध्य प्रदेश आने तथा GIS-2027 में शामिल होने का न्योता दिया। इसके साथ मध्य पूर्व और अफ्रीका के कई देशों के संसदीय नेतृत्व तक भी GIS-2027 का आमंत्रण पहुंचाने की पहल की गई है।
CM बोले- सिर्फ निवेश नहीं, दीर्घकालिक साझेदारी हमारा लक्ष्य
वैश्विक मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का विश्वसनीय मंच तैयार करना है। इस दौरान प्रदेश की सिंगल विंडो व्यवस्था, त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया, औद्योगिक नीतियों और देश के मध्य में स्थित होने से मिलने वाले लॉजिस्टिक फायदे को भी निवेशकों के सामने रखा गया।
‘Tycoons Dinner’ में दुनिया के बड़े निवेश नेटवर्क से संपर्क
पहले दिन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव AIM Congress 2026 का आमंत्रण आधारित ‘Tycoons Dinner’ रहा। AIM Congress के अध्यक्ष और यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी की मेजबानी वाले इस कार्यक्रम में सॉवरेन वेल्थ फंड्स, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशक, वित्तीय संस्थानों के प्रमुख, वैश्विक कारोबारी और नीति-निर्माता शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मंच पर अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए मध्य प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात आधारित उद्योगों की संभावनाएं सामने रखीं। साथ ही वैश्विक निवेशकों को GIS-2027 और मध्य प्रदेश के विकास से जुड़ने का न्योता दिया।
चार दिवसीय दुबई दौरे के पहले दिन सरकार ने एक तरफ मध्य प्रदेश के उद्योग और निवेश की संभावनाओं को दुनिया के सामने रखा तो दूसरी तरफ प्रदेश के कारीगरों और पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश की। अब नजर AIM Congress 2026 के अगले दौर के संवाद और बैठकों पर रहेगी, जहां निवेश प्रस्तावों और कारोबारी साझेदारियों को लेकर चर्चा आगे बढ़ेगी।






