Ujjain: मध्य प्रदेश तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अपने कदम आगे बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। शुक्रवार को इस क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात प्रदेश के हाथ लगी है। दरअसल आईआईटी इंदौर के सहयोग से उज्जैन में दीप्तेश रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर का उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन यादव के हाथों करवाया गया है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को नई सौगात दी।

इन्हें मिलेगा लाभ

उज्जैन में जो डीप टेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर शुरू किया गया है। उसकी मदद से मध्य प्रदेश के छात्रों, औद्योगिक संस्थान और शिक्षाविदों को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है। इसके अलावा लेजर इंजीनियरिंग लैब, मेकर्स स्पेस ऑन माइक्रो मैन्युफैक्चरिंग लैब, एस्टॉनोमिकल हेरिटेज लैब की स्थापना भी केंद्र में की जाएगी।

 

क्या बोले CM

इस केंद्र का उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने हाथों से किया। इस दौरान वह यह कहते नजर आए कि उज्जैन हजारों सालों से खगोल की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। अब उज्जैन को विज्ञान नगरी के रूप में स्थापित होना चाहिए। सेंटर को लेकर सीएम ने कहा कि प्रदेश नई उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। इसकी मदद से विज्ञान के लिए नए दरवाजे खुलेंगे।

क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान

इस द्वीप टेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर के बारे में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उज्जैन एक ऐसी जगह है जहां से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई है। खगोलीय दृष्टि से यह शहर का भी महत्वपूर्ण रहा है और अब इसके आधुनिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए आईआईटी इंदौर में कदम बढ़ाया है। विज्ञान को मूल जड़ तक पहुंचाने की शुरुआत आज से हो चुकी है जो भविष्य में लाभप्रद साबित होगी।