कांग्रेस के वरिष्ठ लीडर और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक हैरान करने वाला फैसला लिया है। इन दिनों जहां नेता-अभिनेता जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। वही सिंह ने अपना आधिकारिक एक्स अकाउंट ऑफिस स्टाफ के हवाले कर दिया है।
दिग्विजय सिंह ने केवल अपना आधिकारिक ट्विटर हैंडल ही नहीं छोड़ा है बल्कि वह अपना पर्सनल मोबाइल नंबर भी अपने सेक्रेटरी सचिन वत्स को सौंप चुके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग न करने का ऐलान किया है। बता दें कि वह अक्टूबर में उज्जैन से अयोध्या तक की यात्रा निकालेंगे।
दिग्विजय सिंह ने X हैंडल को कहा अलविदा
दिग्विजय सिंह का पहले सोशल मीडिया हैंडल X पर digvijaya_28 के नाम से अकाउंट था। जिसे अब officeofdvs यानी ऑफिस ऑफ दिग्विजय सिंह कर दिया गया है। इतना ही नहीं इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा कि ‘आज से मैं अपना मोबाइल नंबर उपयोग नहीं करूंगा। यह नंबर अब मेरे सचिव सचिन वत्स द्वारा उपयोग किया जाएगा। वो इस नंबर पर आने वाले सभी संदेश और जानकारी से मुझे अवगत कराते रहेंगे। आपके सहयोग और विश्वास के लिए बहुत धन्यवाद।’

प्रिय साथियों,
आज से मैं अपना मोबाइल नंबर
+91 81304 09494 उपयोग नहीं करूँगा। अब यह नंबर मेरे सचिव सचिन वत्स द्वारा उपयोग किया जाएगा। इस नंबर पर प्राप्त आपके महत्वपूर्ण संदेशों एवं जानकारियों से वे मुझे समय-समय पर अवगत कराते रहेंगे।
लेकिन मेरा दूसरा नंबर जिस पर ह्वाट्सऐप भी है…— Office Of Digvijaya Singh (@OfficeOfDVS) July 17, 2026
उज्जैन से अयोध्या तक यात्रा
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर दिग्विजय सिंह उज्जैन से अयोध्या तक की पद यात्रा करने वाले हैं। भोपाल में उन्होंने यह घोषणा की थी कि वह 2 अक्टूबर गांधी जयंती से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक की 1000 किलोमीटर की पद यात्रा शुरू करेंगे। लेकिन बाद में उनकी योजना में संशोधन हुआ और अब वह विजयादशमी के मौके से इस यात्रा को शुरू करने वाले हैं। इस साल दशहरा 20 अक्टूबर को आ रहा है और यात्रा भी इसी दिन से शुरू होगी।
केवल धर्म के लिए करूंगा काम: दिग्विजय
अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा था कि मैं 80 साल का हो गया हूं। पार्टी ने मुझे दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा भेजा और पांच बार विधायक बनाया। मैंने पार्टी से बोल दिया है कि मेरी जगह किसी और को मौका दें, अब मैं सिर्फ धर्म की रक्षा के लिए काम करूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि उज्जैन से अयोध्या तक की यात्रा किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं की जाएगी। इस दौरान ना तो वह कोई राजनीतिक बयान देंगे और ना ही सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया देंगे।






