मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के कासीपुरा गांव में हुई महिला की हत्या का पुलिस ने महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि इस वारदात को किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतका के अपने बेटे ने अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी शराब के नशे में था और मोबाइल खरीदने के लिए मां से पैसे मांग रहा था। पैसे नहीं मिलने पर उसने गुस्से में अपनी ही मां की जान ले ली।
15 जुलाई को महिला की हत्या की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल से फिंगर प्रिंट और अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। शुरुआती जांच में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर शक मृतका के बेटे पर गया। जब पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की तो पता चला कि वह घटना के बाद से लापता है और जिले से बाहर भागने की तैयारी कर रहा है।
पुलिस जांच में ऐसे खुला हत्या का पूरा राज
हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ली। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपना हुलिया बदलकर भागने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि वह शराब के नशे में था और नया मोबाइल खरीदना चाहता था। इसके लिए उसने अपनी मां से पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई और गुस्से में आकर उसने हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि मामले में इस्तेमाल किए गए साक्ष्यों और आरोपी के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान और कौन-कौन से हालात रहे और क्या इसमें कोई अन्य पहलू भी जुड़ा हुआ है।
नशे की लत और घरेलू हिंसा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर नशे की लत और उससे जुड़े अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस रिकॉर्ड और सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार कई गंभीर अपराध ऐसे होते हैं, जिनमें नशे की हालत में व्यक्ति अपना आपा खो देता है और छोटी सी बहस भी बड़ी वारदात में बदल जाती है। हालांकि हर मामले के पीछे परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन शराब या अन्य नशे का प्रभाव कई बार हिंसक व्यवहार को बढ़ा देता है।






