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खंडवा मदरसा केस पर गरजे विधायक रामेश्वर शर्मा, कहा- ‘देश विरोधी गतिविधियों के केंद्र बन रहे हैं मदरसे’

Written by:Bhawna Choubey
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खंडवा मदरसा केस पर अब माहौल और भी ज्यादा गर्मा गया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मदरसे से करीब उन्नीस लाख से इक्कीस लाख रुपये तक के नकली नोट बरामद किए हैं। इस पूरे मामले पर अब भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का भी बयान सामने आया है, जानिए उन्होंने क्या कहा।

मध्य प्रदेश के खंडवा (Khandwa) के जवार थाना क्षेत्र के ग्राम पैठिया में स्थित एक मदरसे के ऊपर बने कमरे में रविवार को पुलिस ने छापा मारा। कमरे में रहने वाले इमाम जुबेर अंसारी के पास से लाखों के नकली नोट मिले गड्डियों में बंधे 500-500 के नोट, कुछ बिना कटे शीट पर छपे नोट तथा नोट काटने वाला कटर जब्त किया गया। कुल मिलाकर बरामद नकली नोटों की रकम लगभग 19.78 लाख बताई जा रही है।

मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र के मालेगांव में पुलिस ने जुबेर उर्फ अशरफ अंसारी नाम के शख्स को नकली नोटों के साथ पकड़ा। पूछताछ में जुबेर ने बताया कि वह खंडवा के पैठिया गाँव की मस्जिद में इमाम है। इस जानकारी पर महाराष्ट्र पुलिस ने खंडवा पुलिस को सूचना दी और वहां दबिश दी गई। इस मामले पर भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए मदरसों की जांच और कुछ को तोड़ने तक की बात कही

जांच और कड़ी पूछताछ जारी

पुलिस का मानना है कि यह एक अंतरराज्यीय रैकेट का हिस्सा हो सकता है। जुबेर के साथ पूछताछ जारी है और पुलिस उसकी आवाजाही, संबंध और नोटों के स्रोत के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुख्ता सबूत मिलने पर इस रैकेट के अन्य सदस्य भी पकड़ में आ सकते हैं। खंडवा पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर के कैमरे और मोबाइल के मिले सुरागों की जांच शुरू कर दी है।

विधायक रामेश्वर शर्मा का कड़ा बयान

इसी मामले पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपना तीखा रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि यह संदेह उन्हें पहले से था और वे बार-बार इस तरह की बातों को लेकर सचेत करते रहे हैं। उन्होंने मदरसों की सख्त जांच की मांग करते हुए कहा कि कुछ मदरसे कभी-कभी देश विरोधी कामों के केंद्र बन जाते हैं, कभी गुप्त तरीके से गलत काम होते हैं, तो कभी ऐसे जगहों से नकली नोट जैसे अपराध भी सामने आते हैं।

विधायक ने कहा कि इन मदरसों को सुधारना जरूरी है, वरना जिन्हें इस्लाम के जाने-माने बुद्धिजीवी और स्कॉलर कहा जाता है, उन्हें खुद आगे आकर इन मदरसों को ठीक करना चाहिए या बंद करने का काम करना चाहिए। उन्होंने सरकार से भी अनुरोध किया कि ऐसे मदरसों पर कड़ी नजर रखी जाए ताकि वे राष्ट्र और संविधान के खिलाफ केंद्र न बनें और राष्ट्रगान को चुनौती न दें।

मौलाना जुबेर अंसारी का डूंगरी गांव से भी कनेक्शन

नकली नोटों के रैकेट में पकड़े गए मौलाना जुबेर अंसारी के बारे में अब नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि जुबेर खंडवा जिले के जावर थाना क्षेत्र के पेंठिया गांव की मस्जिद में इमाम था और वहीं के मदरसे में बच्चों को इस्लामिक शिक्षा देता था। जानकारी के मुताबिक, जुबेर मूल रूप से बुरहानपुर जिले के हरिपुरा इलाके का रहने वाला है।

गांव की मस्जिद के सदर कलीम ने बताया कि करीब तीन महीने पहले जुबेर पेंठिया गांव आया था। उसे रहने के लिए इमामबाड़ा मदरसे के ऊपर का कमरा दिया गया था। यहीं रहकर वह बच्चों को कुरान और मजहबी तालीम देता था। बताया जा रहा है कि उसने अपनी बीवी को तलाक दे दिया था और इसके बाद पूरी तरह मजहबी कामों में जुट गया था।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि पेंठिया आने से पहले जुबेर कुछ समय तक जावर थाना क्षेत्र के डूंगरी गांव में भी रह चुका है। पुलिस अब डूंगरी गांव में भी जांच करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां उसने किन लोगों से संपर्क रखा था और क्या वहां भी किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि हुई थी।

पुलिस का कहना है कि मौलाना जुबेर के तार कई जगहों से जुड़े हो सकते हैं, इसलिए जांच का दायरा अब बुरहानपुर, खंडवा और महाराष्ट्र तक बढ़ा दिया गया है। फिलहाल पुलिस जुबेर से पूछताछ कर रही है और उसके मोबाइल व बैंक खातों की भी जांच की जा रही है ताकि नकली नोटों के इस पूरे नेटवर्क का सच सामने आ सके।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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