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Kamal Nath on Indore Water Case: दूषित पानी से 16 मौतों के दावे पर कमलनाथ का वार, बोले- शर्मिंदा होने के बजाय कांग्रेस को कोस रही BJP

Written by:Banshika Sharma
Published:
Kamal Nath on Indore Water Case: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर हर महीने 5000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने और बुनियादी ढांचे की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
Kamal Nath on Indore Water Case: दूषित पानी से 16 मौतों के दावे पर कमलनाथ का वार, बोले- शर्मिंदा होने के बजाय कांग्रेस को कोस रही BJP

इंदौर में दूषित पानी पीने से कथित तौर पर हुई 16 लोगों की मौत के मामले ने अब बड़ा सियासी रूप ले लिया है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने इस गंभीर मुद्दे पर राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और संगठन को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतनी बड़ी त्रासदी पर शर्मिंदा होने की जगह सत्ताधारी दल उलटे कांग्रेस पर ही हमलावर है।

कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से विफल हो चुका है और जनहित के मुद्दों पर घोर लापरवाही बरती जा रही है।

भ्रष्टाचार और कर्ज का ‘खेल’

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार हर महीने औसतन 5000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज ले रही है। कमलनाथ के मुताबिक, यह राशि जनता की भलाई या विकास कार्यों में लगने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार में नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार का बोलबाला है, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

बुनियादी ढांचा ध्वस्त होने का दावा

कमलनाथ ने अपने हमले में राज्य की बदहाल व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुनियादी सुविधाएं चरमरा गई हैं:

सड़क और शिक्षा: प्रदेश में सड़कें उखड़ी पड़ी हैं और स्कूलों की हालत खस्ता है। कई स्कूल बंद होने की कगार पर हैं, जबकि खुले स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है।

नगरीय निकाय: नगर निगमों और निकायों के पास काम करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी तक नहीं हैं।

बिजली-पानी: सीवर, पानी और बिजली की लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। मेंटेनेंस का ज्यादातर काम ठेके के कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है, जिन्हें समय पर वेतन भी नहीं मिल पाता।

बदलाव की हुंकार

अपने बयान के अंत में कमलनाथ ने राज्य में राजनीतिक बदलाव की बात कही। उन्होंने कहा कि अब मध्य प्रदेश में आमूलचूल परिवर्तन का समय आ गया है। उनके अनुसार, प्रदेश की जनता और कांग्रेस पार्टी इस बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है। इंदौर की घटना को उन्होंने केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की विफलता का परिणाम बताया है।