मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता अब खत्म होने की उम्मीद जगी है। दरअसल राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 को लागू करने की दिशा में उठाए गए कदमों का अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने स्वागत किया है। अजाक्स ने सरकार की इस पहल को कई वर्षों से लंबित मामलों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जिसका कर्मचारियों को लंबे समय से इंतजार था।
दरअसल अजाक्स के प्रांताध्यक्ष चौ. मुकेश मौर्य ने जारी बयान में इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह नई पदोन्नति व्यवस्था न केवल प्रशासनिक कामकाज को नई रफ्तार देगी, बल्कि वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ाएगी। उनका कहना है कि जब कर्मचारियों को उनके काम और अनुभव का सही सम्मान मिलता है, तो उनकी काम करने की क्षमता भी बढ़ती है। इसका सीधा अच्छा असर सरकार के कामकाज और जनता को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ता है। मौर्य ने कहा कि नई व्यवस्था से प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र में अच्छे बदलाव आएंगे और जनहित के कामों में तेजी आएगी।
संगठन ने संविधान की रक्षा को बताया पहली प्राथमिकता
वहीं संगठन ने इस बात पर खास जोर दिया कि संविधान में दिए गए सामाजिक न्याय, समान अवसर और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अधिकारों की रक्षा हर हाल में सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अजाक्स ने कहा कि पदोन्नति नियमों को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संविधान के अनुसार लागू किया जाना जरूरी है, ताकि किसी तरह की शंका या गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि हर पात्र कर्मचारी को उसके अधिकार के अनुसार पदोन्नति का लाभ मिले।
अजाक्स ने प्रदेश सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखी
दरअसल चौ. मुकेश मौर्य के नेतृत्व में अजाक्स ने प्रदेश सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखी हैं। संगठन ने कहा है कि सभी विभागों में विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठकें बिना किसी बेवजह देरी के जल्द आयोजित की जाएं। इन बैठकों के जरिए पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत पदोन्नति का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही, वर्षों से लंबित पड़े पदोन्नति मामलों का तय समय में समाधान करने पर भी अजाक्स ने जोर दिया है, ताकि कर्मचारियों में बनी नाराजगी दूर हो सके और वे पूरी ईमानदारी से अपने काम कर सकें।
इसके साथ ही अजाक्स का मानना है कि एक न्यायसंगत और पारदर्शी पदोन्नति व्यवस्था ही प्रशासन को अधिक मजबूत, जवाबदेह और जनता के हित में काम करने वाला बना सकती है। संगठन ने फिर दोहराया कि वह संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा। साथ ही अजाक्स ने यह भी कहा कि वह प्रदेश सरकार के साथ सकारात्मक सहयोग बनाए रखेगा, ताकि नए पदोन्नति नियमों को बिना किसी परेशानी के लागू किया जा सके और सभी वर्गों के कर्मचारियों को उनका उचित हक मिल सके। यह बयान अजाक्स के प्रांताध्यक्ष चौ. मुकेश मौर्य द्वारा भोपाल से जारी किया गया।






