मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन बुधवार को मध्य प्रदेश भर में और तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और उन पर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने की पुरजोर मांग उठाई।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से मतदाता सूची के एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विवाद को लेकर हो रहा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, उनकी गिरफ्तारी और उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार सड़कों पर आंदोलन कर रही है।
भोपाल में सीईओ दफ्तर का हुआ था घेराव
ज़िला स्तरीय आंदोलन से पहले प्रदेश कांग्रेस ने राजधानी भोपाल स्थित सीईओ कार्यालय का घेराव किया था। उस प्रदर्शन की कमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के हाथों में थी। उनके साथ प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई विधायक और बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल हुए थे। भोपाल के बाद ही इस आंदोलन को जिला स्तर पर ले जाने की रणनीति बनाई गई।
चुनाव आयोग ने खारिज किए आरोप
एक तरफ जहां कांग्रेस इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर कानूनी कार्रवाई की जिद पर अड़ी है, वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आयोग का कहना है कि संस्था के भीतर अलग-अलग विचारों का होना निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। एसआईआर समेत सभी महत्वपूर्ण फैसले आयोग ने पूरी तरह सर्वसम्मति से लिए हैं, इसलिए चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाना गलत है।






