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राज्य सरकार की बड़ी तैयारी, पेंशन नियमों में होगा बदलाव! कैबिनेट में जल्द आ सकता है प्रस्ताव

Written by:Pooja Khodani
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MP Pension Rule: मोहन सरकार नए वित्त वर्ष से नए पेंशन नियम लागू करने की तैयारी में हैं। इसके लिए वित्त विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके अलावा प्रदेश के बजट में भी इसका प्रावधान किया जाएगा।
राज्य सरकार की बड़ी तैयारी, पेंशन नियमों में होगा बदलाव!  कैबिनेट में जल्द आ सकता है प्रस्ताव

मध्य प्रदेश सरकार पारिवारिक पेंशन के नियमों में कुछ बदलाव करने की तैयारी में है। इसके तहत माता-पिता की पेंशन पर केवल बड़ी संतान का ही अधिकार होगा, चाहे वह बेटा हो या फिर बेटी। जानकारी के अनुसार, वित्त विभाग ने पारिवारिक पेंशन के नियम में संशोधन का मसौदा तैयार कर लिया है और जल्द ही कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि नए पारिवारिक पेंशन नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि अभी इस संबंध में सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान और पुष्टि होना बाकी है।

किन नियमों में होगा संशोधन?

  • प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, माता-पिता की पेंशन पर केवल बड़ी संतान का अधिकार होगा, चाहे वह बेटा हो या बेटी। आसान शब्दों में, सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारक माता-पिता के निधन के बाद पारिवारिक पेंशन केवल सबसे बड़ी संतान को मिलेगी। पेंशन शादी के बाद भी बड़ी बेटी या बेटे को ही दी जाएगी।
  • अविवाहित बेटी, विधवा और तलाकशुदा बेटी को आजीवन पेंशन मिलती रहेगी।
  • नए नियमों में दिव्यांगजनों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। जो पुत्र, पुत्री या भाई आजीविका कमाने में पूरी तरह से अक्षम हैं, उन्हें भी परिवार पेंशन की पात्रता दी जाएगी।
  • यदि पति और पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में पेंशन पात्र हैं, तो उनकी मौत के बाद पेंशन का अधिकार दोनों परिवारों को मिलेगा।
  • 25 साल से अधिक उम्र की बेटी या बेटे को सालाना अपने वैवाहिक या विधवा स्थिति की जानकारी देना अनिवार्य होगा, तभी वह पेंशन नियमों में पात्र रहेंगे।

वर्तमान में क्या है व्यवस्था

वर्तमान में पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जीवनभर मिलती है। पुरानी पेंशन योजना के तहत अंतिम वेतन का 50% हिस्साहोता है जबकी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में एन्युटी के आधार पर और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में निश्चित पेंशन के रूप में पेंशन का लाभ मिलता है। अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो पेंशन उसकी पत्नी को दी जाती है, जो कुल पेंशन का 30% होती है। नए नियमों के अनुसार, अगर पति-पत्नी दोनों की मृत्यु हो जाती है तो बड़ी संतान को पेंशन का अधिकार होगा।