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MP में ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ का आगाज, 10 सूत्रीय मॉडल से किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य

Written by:Ankita Chourdia
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मध्य प्रदेश सरकार ने 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य 10 दिशात्मक मॉडलों के जरिए किसानों की आय बढ़ाना, लागत घटाना और खेती को टिकाऊ बनाना है। इस अभियान में 16 से ज्यादा विभाग मिलकर काम करेंगे।
MP में ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ का आगाज, 10 सूत्रीय मॉडल से किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य

भोपाल: मध्य प्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने के उद्देश्य से मोहन यादव सरकार ने ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ का शुभारंभ किया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत सरकार ने 10 दिशात्मक मॉडल पेश किए हैं, जिनका लक्ष्य खेती को ज्यादा लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, ये मॉडल केवल योजनाएं नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में एक संरचनात्मक बदलाव की नींव हैं। सरकार का फोकस पारंपरिक खेती से हटकर तकनीक, बाजार और नवाचार को अपनाने पर है, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके और लागत को कम किया जा सके। इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए 16 से अधिक विभाग एक साथ मिलकर काम करेंगे।

क्या हैं सरकार के 10 दिशात्मक मॉडल?

सरकार ने कृषि की तस्वीर बदलने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जो इन 10 मॉडलों पर आधारित है:

1. लाभकारी और आधुनिक खेती: पारंपरिक खेती के तरीकों से आगे बढ़कर तकनीक और बाजार की मांगों के अनुरूप उच्च उत्पादकता वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।

2. प्राकृतिक और टिकाऊ कृषि: पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती, जैविक इनपुट और पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

3. डिजिटल कृषि सेवाएं: ई-विकास, उर्वरक आपूर्ति और वितरण जैसी सभी महत्वपूर्ण सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, ताकि पारदर्शिता और सुगमता बढ़े।

4. क्लस्टर आधारित विकास: जिलों की क्षमता के अनुसार कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए विशेष क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

5. कृषि आधारित उद्योग: ग्रामीण क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और कृषि-उद्योगों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे।

6. युवाओं के लिए नए अवसर: युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ने के लिए एग्री-टेक, ड्रोन सेवाएं और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) जैसे नवाचारों पर जोर दिया जाएगा।

7. सिंचाई क्षमता का विस्तार: नदी जोड़ो परियोजनाओं और बेहतर जल प्रबंधन के माध्यम से राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर काम होगा।

8. अनुसंधान और नवाचार: श्रीअन्न (मोटे अनाज), सरसों और चना जैसी फसलों पर अनुसंधान के लिए नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि बेहतर किस्मों का विकास हो सके।

9. किसानों को आय सुरक्षा: फसल के दामों में उतार-चढ़ाव से किसानों को बचाने के लिए भावांतर जैसी योजनाओं और अन्य आर्थिक सहायता तंत्रों को और मजबूत किया जाएगा।

10. ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तीकरण: खेती से जुड़ी पूरी वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण स्तर पर आय में वृद्धि हो और अर्थव्यवस्था मजबूत बने।

सरकार का मानना है कि इन मॉडलों के समन्वित क्रियान्वयन से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि मध्य प्रदेश का कृषि क्षेत्र देश में एक मिसाल कायम करेगा।