दुबई/नीमच। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है, जिसने वहां रह रहे नागरिकों और प्रवासी भारतीयों में चिंता बढ़ा दी है। यूएई के आंतरिक मंत्रालय (MOI) ने एक ‘इमरजेंसी अलर्ट’ जारी कर लोगों को संभावित मिसाइल हमले के खतरे से आगाह किया है। इस तनावपूर्ण स्थिति की एक्सक्लूसिव जानकारी नीमच जिले के एक निवासी ने दुबई से साझा की है, जिन्होंने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर वहां के मौजूदा हालात बताए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्रालय द्वारा जारी अलर्ट में लोगों से तत्काल सुरक्षित इमारतों में शरण लेने की अपील की गई है। नीमच के युवक द्वारा भेजे गए स्क्रीनशॉट में साफ तौर पर लिखा है कि यह एक ‘संभावित मिसाइल खतरा’ है। लोगों को खिड़कियों, कांच के दरवाजों और खुले इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रशासन ने अगले आधिकारिक निर्देश आने तक सभी को सुरक्षित स्थानों पर ही बने रहने के लिए कहा है।

अफवाहों पर लगाम: वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध
इस संवेदनशील माहौल में किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना को फैलने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने बेहद कड़े कदम उठाए हैं। दुबई से मिली जानकारी के मुताबिक, अरबी, अंग्रेजी और उर्दू में एक आधिकारिक सूचना जारी की गई है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की तस्वीर खींचने या वीडियो बनाने पर पूरी तरह से पाबंदी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी न फैलाएं और केवल सरकारी एजेंसियों द्वारा दिए गए निर्देशों का ही पालन करें।

संकट में अवसर तलाश रहे साइबर ठग, दुबई पुलिस ने किया आगाह
एक तरफ जहां लोग सुरक्षा अलर्ट को लेकर दहशत में हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधियों ने इस स्थिति का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। दुबई पुलिस ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को सतर्क किया है। एडवाइजरी के मुताबिक, कुछ जालसाज खुद को “दुबई क्राइसिस मैनेजमेंट” का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन कर रहे हैं।
ये ठग आपातकालीन स्थिति का हवाला देकर लोगों से उनकी बेहद गोपनीय जानकारी जैसे ‘UAE Pass’ क्रेडेंशियल्स और ‘Emirates ID’ (अमीरात आईडी) का विवरण मांग रहे हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस जानकारी का इस्तेमाल ‘सिम स्वैप’ धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है, जिससे अपराधी आसानी से आपके बैंक खातों तक पहुंच सकते हैं।
दुबई पुलिस ने साफ किया है कि कोई भी सरकारी विभाग फोन कॉल, मैसेज या किसी अन्य माध्यम से नागरिकों से उनकी गोपनीय जानकारी या ओटीपी (OTP) नहीं मांगता है। लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।







