आईपीएल और अन्य खेलों के नाम पर चल रहे सट्टे के काले कारोबार पर लगाम कसते हुए पुलिस थाना नीमच कैंट और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा लगाते तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में कैश बरामद किया है।
थाना प्रभारी नीमच कैंट निरीक्षक सौरभ शर्मा और सायबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक प्रदीप शिन्दे के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर सतगुरु बेकरी के पीछे मैदान में दबिश दी। पुलिस ने यहां से मोबाइल पर ऑनलाइन आईडी के जरिए क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे तीन युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे ‘LOTUS’ आईडी (www.lotus7book.com और www.lotusbook.site) के माध्यम से अपने अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर आम जनता को पैसा लगाकर रातों-रात अधिक लाभ कमाने का प्रलोभन देते थे और उनसे पैसा डलवाकर भारी अवैध मुनाफा कमा रहे थे।
3 स्मार्ट फोन एक लाख रुपये कैश बरामद
इस संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों की पहचान हवाई पट्टी रोड़ निवासी मनीष पिता सज्जनसिंह गुर्जर (24), जवाहर नगर निवासी हिमांशु पिता अशोक सुंगधी (27) और अमर काॅलोनी बघाना निवासी यश पिता विष्णु सांवरिया (21) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से 03 स्मार्टफोन, 1,01,000/- रुपये की नकद राशि और सट्टे का लाखों रुपये का हिसाब-किताब बरामद किया है।
लोगों का कहना ये गुर्गे, मास्टर माइंड अभी भी फरार
हालांकि, इस कार्रवाई ने नीमच में ऑनलाइन सट्टे के पनपते नेटवर्क का पर्दाफाश तो कर दिया है, लेकिन शहर में यह चर्चा जोरों पर है कि पकड़े गए ये तीनों युवक महज मोहरे हैं और असली मास्टरमाइंड अब भी पुलिस की गिरफ्त से मीलों दूर हैं। नीमच सट्टा बाजार का नेटवर्क हाईवे के होटलों से लेकर फार्म हाउसों और बाहरी राज्यों तक फैला हुआ है, जिसे पर्दे के पीछे से शहर के कई सफेदपोश और बड़े सटोरिये ऑपरेट कर रहे हैं।
इन सटोरियों के नाम चर्चा में
हाल ही में प्रतापगढ़ पुलिस की कार्रवाई में नीमच के मास्टरमाइंड हर्ष और पुरुषोत्तम के नाम सामने आने के बाद अब पूरे जिले में क्रिकेट सट्टे के इस बड़े सिंडिकेट को चलाने वाले डॉलर, सौरभ, चंडी, आकाश, जीतू, रितेश, दीपक, यश, सन्नी, विकास, कपिल, गुणवंत, जानू उर्फ़ पिंकू, मनोज, पीयूष और आशीष जैसे कई संभावित सटोरियों के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं, जो हाई-टेक डिवाइस और डिजिटल नेटवर्क के जरिये इस पूरे काले कारोबार को संचालित कर रहे हैं।
पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में
नीमच कैंट थाने पर अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया गया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी नीमच कैण्ट निरीक्षक सौरभ शर्मा, प्रभारी सायबर सेल प्रधान आरक्षक प्रदीप शिन्दे सहित पूरी विशेष पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही। अब शहरवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुलिस इन पकड़े गए छोटे गुर्गों की कड़ियों को जोड़कर डॉलर, सौरभ और चंडी जैसे नीमच के असली सट्टा किंगपिन के गिरेबान तक पहुंच पाएगी।





