अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर होने के बाद भी मध्य पूर्व में तनाव का माहौल बना हुआ है। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मंगलवार को करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी दी है
अमेरिकी राजदूत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी के मुद्दे पर चर्चा की। आगामी कुछ दिनों भारत और अमेरिका के बीच कई बड़े समझौतों पर सहमति बनने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया राष्ट्रपति ट्रंप से हुई बातचीत का जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई बातचीत का जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने भी किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, मेरे दोस्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फ़ोन आया। हमने अलग-अलग सेक्टर में हमारे द्विपक्षीय सहयोग में हुई काफ़ी प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्र में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिमी एशिया के हालात पर भी बात की और होर्मुज़ स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने की जरूरत पर ज़ोर दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच की नहीं बनी सहमति
बता दें कि सीजफायर के बाद पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान में बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई। पूरी दुनिया की निगाहें इस बैठक पर टिकीं थीं। ईरान ने अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण यह वार्ता विफल हो गई। जिसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की धमकी दी है, जिससे ईरान से तेल ले जाने वाले जहाजों को रोकने की चेतावनी दी गई है।
Received a call from my friend President Donald Trump. We reviewed the substantial progress achieved in our bilateral cooperation in various sectors. We are committed to further strengthening our Comprehensive Global Strategic Partnership in all areas. We also discussed the…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026





