इंदौर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे का मोबाइल हैक कर लिया गया और उनके व्हाट्सऐप से परिचित लोगों को पैसे भेजने के मैसेज भेजे गए। वहीं हैकर ने खुद को चिंटू चौकसे बताकर कई लोगों से 50 से 55 हजार रुपए तक की मांग की। हालांकि घटना की जानकारी मिलने के बाद चिंटू चौकसे ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी।
दरअसल मंगलवार को जब चिंटू चौकसे अपने वार्ड में काम कर रहे थे, तभी उनके पास एक अजनबी कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि उनका एक पार्सल आया है लेकिन डिलीवरी बॉय को लोकेशन नहीं मिल रही है। उसने चौकसे को एक नंबर दिया और कहा कि उस पर कॉल करके एड्रेस समझा दें। शुरुआत में चौकसे को भी हैरानी हुई क्योंकि उन्होंने कोई ऑर्डर नहीं किया था। बाद में उन्हें लगा कि शायद किसी टी-शर्ट का एक्सचेंज पार्सल होगा। इसी सोच में उन्होंने दिए गए नंबर पर दो-तीन बार कॉल करने की कोशिश की, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हुआ। इसके बाद वे फिर अपने काम में लग गए।
व्हाट्सऐप हैक कर लोगों से पैसे मांगने लगा अपराधी
कुछ समय बाद चौकसे के मोबाइल पर कॉल आना बंद हो गया। इसी दौरान उनके परिचितों को व्हाट्सऐप पर मैसेज मिलने लगे कि उन्हें तुरंत पैसों की जरूरत है और वे मदद के तौर पर पैसे ट्रांसफर कर दें। मैसेज में 50 से 55 हजार रुपए तक भेजने की मांग की गई थी। शुरुआत में कुछ लोगों को लगा कि शायद सच में कोई इमरजेंसी होगी, लेकिन कई लोगों ने सीधे चौकसे से संपर्क करने की कोशिश की। जब उनका फोन नहीं लगा तो लोगों को शक हुआ। बाद में जब चौकसे को इस पूरे मामले की जानकारी मिली तो वे भी हैरान रह गए। उन्हें समझ आ गया कि उनका व्हाट्सऐप अकाउंट हैक हो चुका है और कोई व्यक्ति उनके नाम पर लोगों से पैसे मांग रहा है।
वहीं इसके बाद उन्होंने तुरंत परिचितों को फोन कर बताया कि उनके नाम से भेजे गए मैसेज पर भरोसा न करें। साथ ही उन्होंने लोगों को किसी भी तरह का पैसा ट्रांसफर न करने की सलाह दी। दरअसल इस तरह की साइबर ठगी में अक्सर हैकर भरोसेमंद व्यक्ति का नाम इस्तेमाल करते हैं ताकि लोग जल्दी भरोसा कर लें और पैसे भेज दें।
क्राइम ब्रांच में शिकायत
वहीं घटना सामने आने के बाद चिंटू चौकसे सीधे इंदौर क्राइम ब्रांच के डीसीपी ऑफिस पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हैकर ने किस तरीके से मोबाइल या व्हाट्सऐप अकाउंट तक पहुंच बनाई। दरअसल आजकल पार्सल, केवाईसी अपडेट या बैंक से जुड़े कॉल के बहाने लोगों को फंसाया जा रहा है। कई बार ऐसे कॉल के जरिए किसी लिंक या नंबर पर संपर्क करवाया जाता है और उसी दौरान हैकिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। वहीं पुलिस का कहना है कि अगर किसी को व्हाट्सऐप या सोशल मीडिया पर पैसे मांगने का मैसेज मिले तो पहले उस व्यक्ति से सीधे फोन पर पुष्टि जरूर करें। बिना पुष्टि किए पैसे भेजना जोखिम भरा हो सकता है।






