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एमपी गेहूं उपार्जन 2025: किसानों के लिए जरूरी खबर, पंजीयन की लास्ट डेट नजदीक, जल्द पूरा कर लें काम, मई तक चलेगी खरीदी

Written by:Pooja Khodani
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कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान भाइयों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ विक्रय के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। जिन किसानों ने अभी तक अपना पंजीयन नहीं कराया है, वे 9 अप्रैल तक पंजीयन जरूर करा लें।
एमपी गेहूं उपार्जन 2025: किसानों के लिए जरूरी खबर,  पंजीयन की लास्ट डेट नजदीक, जल्द पूरा कर लें काम, मई तक चलेगी खरीदी

MP Wheat procurement: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। अगर आपने अबतक रबी विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं करवाया है तो 9 अप्रैल 2025 तक करवा लें। ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सुविधा www.meuparjan.nic.in पर उपलब्ध है।अभी तक 15 लाख 9 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। किसान भाइयों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ विक्रय के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीयन की अवधि 9 अप्रैल 2025 तक बढ़ा दी है। जिन किसानों ने अभी तक अपना पंजीयन नहीं कराया है, वे 9 अप्रैल तक पंजीयन जरूर करा लें।

5 मई तक गेहूं खरीदी, 2600 रुपये प्रति क्विंटल

  • मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम समेत सभी संभागों में गेहूं की खरीदी शुरू हो गई है जो 5 मई तक चलेगी। इस बार 2600 (न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 +175 बोनस) रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा।
  • इस न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक एक लाख 25 हजार 631 किसानों से 10 लाख 25 हजार 735 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन कर 1794 करोड़ 82 लाख रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।
  • साल प्रदेश में लगभग 80 लाख मे. टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है।बता दे कि मालवा निमाड़ में इंदौर, उज्जैन संभाग के कई किसान गेहूं का उत्पादन करते हैं, लेकिन देशभर में सबसे ज्यादा सीहोर का शरबती गेहूं मशहूर है।

3 अप्रैल तक 10 लाख 25 हजार मीट्रिक टन गेहूँ खरीदी

  • एक लाख 25 हजार 631 किसानों से 10 लाख 25 हजार 735 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।
  • जिला उज्जैन में एक लाख 93 हजार 362, सीहोर में एक लाख 61 हजार 737, देवास में 90 हजार 740, शाजापुर में 92 हजार 613, इंदौर में 69 हजार 558, भोपाल में 74 हजार 75, राजगढ़ में 66 हजार 47।
  • मंदसौर 42 हजार 909, आगर मालवा में 40 हजार 550, धार में 33 हजार 249, विदिशा में 54 हजार 474, हरदा में 24 हजार 45, खण्डवा में 16 हजार 654, रतलाम में 19 हजार 743, नीमच में 6362।
  • नर्मदापुरम में 8140, झाबुआ में 5710, रायसेन में 14183, बैतूल में 2431, दमोह में 3557, खरगौन में 565, गुना में 1057, सागर में 1053, नरसिंहपुर में 221, छिंदवाड़ा में 185, अशोकनगर में 119।
  • सिवनी में 1313, सतना में 926, मण्डला में 90, दतिया में 43 और अलीराजपुर में 24, मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।

गिरदावरी में संशोधन- दावा आपत्ति की डेट 15 अप्रैल

  • खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग ने किसानों के हित में गिरदावरी (डिजिटल फसल सर्वेक्षण) में संशोधन एवं दावा-आपत्ति करने की तिथि 15 अप्रैल तय की है।
  • इससे किसान MSP पर गेहूँ की बिक्री के लिये कराये गये पंजीयन की जानकारी और गिरदावरी की जानकारी में आ रहे अंतर में सुधार करवा सकेंगे।
  • बता दे कि MSP पर गेहूं की बिक्री के लिये किसानों द्वारा कराये गये पंजीयन की जानकारी और पटवारी द्वारा की गई गिरदावरी में विभिन्नता होने से आयुक्त खाद्य ने आयुक्त अभिलेख को अवधि 15 अप्रेल तक बढ़ाये की मांग की थी।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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