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अशोकनगर, हितेंद्र बुधौलिया। अशोकनगर जिले में आदिवासी समाजजनों ने बीते दिनों पहले आई बाढ़ त्रासदी से अपने घर खो दिये हैं साथ ही उन्हें लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है, जिसके चलते आज आदिवासी ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के सामने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इन आदिवासी लोगों के साथ कांग्रेस के कई नेता धरना प्रदर्शन में शामिल हैं। अशोकनगर जिला मुख्यालय के पास ही के आदिवासी बहुल गांव टकनेरी के सौ से ज्यादा लोग कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर बैठ गए, जिसके चलते ईसागढ़ रोड पूरी तरह से जाम हो गया है।
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मामले में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी लोगों की मांग है कि यहां हाल ही में आई बाढ़ के बाद कई परिवारों के कच्चे घर गिर गए हैं। इसके अलावा इस गांव में पहले से ही पीने का पानी, लाइट एवं सड़क की समस्या है। उनका कहना है कि आदिवासी बस्ती में सभी लोगों के पास राशन कार्ड भी नहीं है। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेता भी शामिल हैं। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे लोगों की मांग है कि जब तक कलेक्टर खुद जाकर गांव का सर्वे नहीं करेंगे तब तक वह सड़क से नहीं उठेंगे।
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आपको बता दें, अशोकनगर की सीमा से लगे टकनेरी गांव पूरी तरह से आदिवासी बाहुल्य गांव है। जिला मुख्यालय से लगे होने के बावजूद भी यह गांव लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। हाल ही में बाढ ने इन लोगों के सामने और कठिनाई पैदा कर दी है। आदिवासियों के करीब एक दर्जन मकान गिर गए है। वहीं लगातार पांच-छह दिन से सर्वे एवं राहत की बाट जोह रहे इन लोगों का सब्र टूट गया और कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर आकर बैठ गए हैं। इन आदिवासियों के साथ कांग्रेस के कई नेता भी उनके साथ हैं। इसपर लोगों का कहना है कि हमेशा उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे हैं वहीं अब तक उनकी समस्याओं पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए जब तक कलेक्टर मौके पर आकर समस्याओं के निराकरण की बात नहीं करेंगे तब तक वह सड़कों से नहीं हटेंगे।
