चित्रकूट एक ऐसा नाम जो सुनते ही मन में भगवान श्रीराम की छवि उभर आती है। इस बार रामनवमी 2026 पर यही चित्रकूट कुछ ऐसा करने जा रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। पूरे इलाके को 21 लाख दीपों से रोशन करने की तैयारी है, जिससे यह धर्मनगरी सच में दीपों की नगरी बन जाएगी।
इस बार का आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी बहुत बड़ा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इसमें शामिल होंगे, जिससे इस कार्यक्रम की अहमियत और भी बढ़ गई है। प्रशासन और समाज के लोग मिलकर इसे ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं।
रामनवमी 2026 पर चित्रकूट में 21 लाख दीपों का भव्य आयोजन
रामनवमी 2026 पर चित्रकूट में “नगर गौरव दिवस” के रूप में एक भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 21 लाख दीपों का प्रज्ज्वलन है। यह दीप न सिर्फ रोशनी फैलाएंगे, बल्कि पूरे क्षेत्र को एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देंगे।
प्रशासन के अनुसार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों हिस्सों में फैले चित्रकूट क्षेत्र में एक साथ दीप जलाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए पूरे इलाके को 8 जोन में बांटा गया है ताकि हर जगह एक ही समय पर दीप प्रज्ज्वलन हो सके।
यह आयोजन सिर्फ संख्या का खेल नहीं है, बल्कि आस्था और एकता का प्रतीक भी है। जब लाखों दीप एक साथ जलेंगे, तो यह दृश्य अपने आप में अद्भुत और भावुक कर देने वाला होगा।
CM मोहन यादव की मौजूदगी से बढ़ी आयोजन की भव्यता
इस बार रामनवमी 2026 के इस आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी इसे और खास बना रही है। मुख्यमंत्री दिल्ली से रीवा पहुंचेंगे और वहां से चित्रकूट हेलीपैड पर उतरकर सीधे कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे भरत घाट पर आयोजित गंगा आरती में भाग लेंगे और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
उनके दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर खास तैयारियां की हैं। हर छोटे-बड़े पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सफल हो सके।
मंदाकिनी घाट पर दिखेगा भक्ति और संस्कृति का संगम
चित्रकूट के मंदाकिनी नदी के तट पर इस बार भक्ति और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। भरत घाट और राघव प्रयाग घाट इस आयोजन के मुख्य केंद्र होंगे, जहां 1.51 लाख दीप जलाए जाएंगे।
शाम 7 बजे जैसे ही दीप जलेंगे, पूरा घाट रोशनी से जगमगा उठेगा। इसके साथ ही भक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। मऊगंज की लोक गायिका स्नेहा मिश्रा अपनी बघेली शैली में भजन प्रस्तुत करेंगी। ग्वालियर की तरुणा सिंह के निर्देशन में श्रीराम पर आधारित नृत्य नाटिका होगी। वहीं उज्जैन के प्रसिद्ध शर्मा बंधु भजन संध्या में अपनी प्रस्तुति देंगे। यह सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाएंगे, जहां हर कोई खुद को भगवान राम के करीब महसूस करेगा।
8 जोन में बांटा गया चित्रकूट, एक साथ जलेंगे दीप
इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर के अनुसार, पूरे चित्रकूट क्षेत्र को 8 जोन में बांटा गया है। हर जोन में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि शाम 7 बजे एक साथ दीप जल सकें। घाटों और मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। इस तरह की प्लानिंग से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आयोजन में कोई कमी न रह जाए और हर व्यक्ति इस पल का आनंद ले सके।
सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की बड़ी भागीदारी
इस आयोजन की खास बात यह भी है कि इसमें लगभग 45 सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। सभी लोग अपने-अपने स्तर पर योगदान दे रहे हैं। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पूरे समाज का उत्सव बन गया है। हर कोई इसमें शामिल होकर इसे सफल बनाने में लगा हुआ है। यह एकता और सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है, जो दिखाता है कि जब लोग मिलकर काम करते हैं, तो बड़े से बड़ा आयोजन भी सफल हो सकता है।






