नई दिल्ली: सरकार ने हालिया बजट में देश के समग्र विकास का खाका पेश किया है, जिसमें हर वर्ग को मुख्य धारा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस बजट में शहरी क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है, खासकर महिला सशक्तीकरण को केंद्र में रखा गया है।
मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि बजट के प्रावधानों के अनुसार, सरकार की कोशिश है कि देश का कोई भी वर्ग विकास की दौड़ में पीछे न छूटे। इसी दृष्टिकोण के साथ शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के लिए योजनाएं तैयार की गई हैं।
ग्रामीण महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर उद्यमी
मंत्री ने कहा कि बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है। अब स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) से जुड़ी महिलाएं सिर्फ सदस्य नहीं, बल्कि उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाएंगी। उन्हें ‘कृषि मां’ के रूप में एक नई पहचान दी जाएगी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शहरी क्षेत्रों में मिलेंगी आदर्श सुविधाएं
उन्होंने कहा, ग्रामीण विकास के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों पर भी बजट में पूरा ध्यान दिया गया है। सरकार का लक्ष्य शहरों को ‘आइडियल शहर’ के रूप में विकसित करना है, जहां निवासियों को सभी मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों। इसके तहत इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता, परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा, ताकि शहरी जीवन अधिक सुगम और व्यवस्थित हो सके।
मध्य प्रदेश में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जाएगी विस्तृत जानकारी
कृष्णा गौर ने बताया कि बजट की घोषणाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत योजना भी तैयार की गई है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बजट के प्रावधानों, विशेषकर महिला सशक्तीकरण और शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और लोगों के सवालों का जवाब दिया जाएगा।





