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खेल-खेल में बच्चों ने खाए जहरीले अरंडी के बीज, आधा दर्जन से ज्यादा बीमार, अस्पताल में भर्ती

Reported by:Brijesh Shrivastav|Edited by:Gaurav Sharma
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मध्य प्रदेश के उमरिया में खेल के दौरान जहरीले अरंडी के बीज खाने से आधा दर्जन से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए। सभी बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
खेल-खेल में बच्चों ने खाए जहरीले अरंडी के बीज, आधा दर्जन से ज्यादा बीमार, अस्पताल में भर्ती

उमरिया: मध्य प्रदेश के उमरिया जिला मुख्यालय से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां जेल बिल्डिंग इलाके में खेल-खेल में जहरीले फल खाने से आधा दर्जन से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों ने फौरन सभी बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है।

जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे जिनकी उम्र 5 से 15 साल के बीच है, रोजाना की तरह घर के पास खेल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पास में लगे अरंडी (Castor) के पौधे से फल तोड़ लिए और अनजाने में उसके बीज खा लिए।

कैसे बिगड़ी बच्चों की तबीयत?

अरंडी के बीज खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को बेचैनी होने लगी। उन्हें उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने जैसी शिकायतें हुईं, जिससे उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। बच्चों की हालत बिगड़ती देख परिजन घबरा गए और बिना देर किए उन्हें लेकर जिला अस्पताल भागे।

अस्पताल में इलाज जारी, हालत स्थिर

अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत बच्चों की जांच की और प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, जहरीले बीज खाने की वजह से बच्चों को फूड पॉइजनिंग हुई है। फिलहाल सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है।

चिकित्सकों ने बताया कि सभी बच्चों को निगरानी में रखा गया है। अगर किसी बच्चे की हालत में गिरावट आती है तो उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा सकता है। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि अरंडी के बीज इतने जहरीले हो सकते हैं। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में चिंता का माहौल है।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
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