उमरिया: जिला मुख्यालय के रणविजय चौक के पास कानून व्यवस्था को सरेआम चुनौती देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां ड्यूटी से लौट रहे एक पुलिसकर्मी पर ही हमला कर दिया गया। भीड़ के बीच न केवल आरक्षक के साथ धक्का-मुक्की की गई, बल्कि उनकी वर्दी तक फाड़ दी गई। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, आरक्षक मुकेश सिंह अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति के साथ मारपीट कर रहे हैं। मानवीयता दिखाते हुए आरक्षक मुकेश सिंह ने बीच-बचाव कर उस व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया, लेकिन यह उन्हें ही महंगा पड़ गया।
बीच-बचाव करना पड़ा महंगा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब आरक्षक मुकेश सिंह ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की तो वे उनसे ही उलझ गए। मुख्य आरोपी, जिसकी पहचान विमल लाड़िया के रूप में हुई है, ने आरक्षक पर हमला कर दिया। दोनों के बीच हुई धक्का-मुक्की में आरोपी ने आरक्षक की वर्दी फाड़ दी। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
इस पूरे वाकये ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिन-दहाड़े एक पुलिसकर्मी पर इस तरह का हमला क्षेत्र में असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसले को दर्शाता है।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, पुलिस तलाश में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घायल आरक्षक मुकेश सिंह ने थाने पहुंचकर आरोपी विमल लाड़िया के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिसकर्मी पर हुए हमले का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में ज्यादा अपशब्द होने के कारण इसे म्यूट करके शेयर किया जा रहा है।






