मध्य प्रदेश में इन दिनों सूरज अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर जारी है और पारा लगातार चढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते कुछ दिनों से अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसने अब कई जिलों में 42 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को भी पार कर लिया है। रतलाम, खंडवा, खरगोन, धार, शाजापुर और नर्मदापुरम जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां दिन का तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है और लोग गर्मी से बेहाल हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, क्योंकि लू और तपती धूप से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, फिलहाल प्रदेश को गर्मी से कोई बड़ी राहत मिलने की संभावना कम ही है। आने वाले दो से तीन दिनों तक तापमान में और वृद्धि होने का अनुमान है, जिससे गर्मी का प्रकोप और तेज होगा। खास तौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के साथ-साथ ग्वालियर और चंबल संभाग के कई जिलों में हीट वेव यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है और न ही कोई ऐसी मौसम प्रणाली बन रही है जो प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव ला सके। यही कारण है कि शुष्क हवाएं लगातार तापमान को बढ़ा रही हैं।
प्रदेश के कई शहरों में मंगलवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। इनमें रतलाम 42.5 डिग्री, खंडवा 42.2 डिग्री, खरगोन 42.0 डिग्री, धार 41.8 डिग्री, शाजापुर 41.5 डिग्री और नर्मदापुरम 41.3 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहे। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे दिन में असहनीय गर्मी महसूस हो रही है। रात के तापमान में भी इजाफा देखने को मिल रहा है, जिससे रातें भी गर्म हो गई हैं और लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
एमपी मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। दिन के समय गर्म हवाएं चलेंगी और लू का प्रभाव बढ़ेगा। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें और यदि निकलना पड़े तो पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें। हीट वेव की स्थिति तब मानी जाती है जब किसी स्थान का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो या सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा हो। वर्तमान में प्रदेश के कई जिलों में ऐसी ही स्थिति बनी हुई है।
जारी अप्रैल और मई के महीने में गर्मी का यह प्रकोप और भी विकराल रूप ले सकता है। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी है कि इस बार अप्रैल और मई में लू के दिनों की संख्या अधिक हो सकती है। खासकर मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिलेगा। हालांकि, महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत में कुछ स्थानीय मौसम प्रणालियों के विकसित होने की संभावना है, जिससे कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन यह राहत बहुत अल्पकालिक होगी और गर्मी का समग्र प्रभाव कम होने की संभावना फिलहाल नहीं है। किसानों को भी अपनी फसलों की सिंचाई और पशुओं की देखभाल को लेकर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है, क्योंकि बढ़ते तापमान का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।






