भोपाल: मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर दोहरे मोर्चे पर हमला बोला है। उन्होंने आगामी बजट की तैयारियों और एक कांग्रेस कार्यकर्ता की गिरफ्तारी को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से सुझाव मांगने का दिखावा कर रही है, जबकि पिछले बजट का पैसा ही सही जगह खर्च नहीं हुआ।
बजट पर सवाल: ‘सुझाव से पहले पुराने फंड का हिसाब दें’
उमंग सिंघार ने सरकार द्वारा बजट के लिए जनता से सुझाव मांगने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले यह बताना चाहिए कि पिछले बजट में आवंटित धनराशि कहां गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले बजट में किसानों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और युवाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं था और योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहीं।
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“हेलीकॉप्टर, चार्टर प्लेन, लग्ज़री गाड़ियां और बंगले सरकार की असली प्राथमिकता बन गए हैं। किसान वहीं के वहीं हैं, युवा बेरोज़गार हैं। क्या सरकार सड़क, अस्पताल, स्कूल और ट्रांसफार्मर के लिए पैसा देगी? या फिर एक और झूठा बजट लाने की तैयारी है?” — उमंग सिंघार, नेता प्रतिपक्ष
सिंघार ने कहा कि सरकार तकनीकी रूप से मजबूत मध्य प्रदेश बनाने की बात तो करती है, लेकिन आईटी, नवाचार और आधुनिक सुविधाओं पर निवेश शून्य है। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर तंज कसते हुए कहा कि पैसा जनता के विकास कार्यों के बजाय लग्जरी सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है।
कार्यकर्ता की गिरफ्तारी को बताया लोकतंत्र पर हमला
नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस कार्यकर्ता मनजीत घोषी की दिल्ली-राजस्थान पुलिस द्वारा मध्य प्रदेश से गिरफ्तारी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की साजिश बताया। सिंघार ने कहा कि मनजीत घोषी ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों और कथित घोटालों पर सवाल उठाए थे, जो आम जनता भी पूछ रही है।
“क्या SIR घोटालों पर सवाल उठाना अब अपराध है? क्या सच बोलना भड़काऊ हो गया है? लोकतंत्र की आवाज उठाने वालों पर दबाव डालेगी BJP सरकार या चुनाव आयोग—तो कांग्रेस पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी।” — उमंग सिंघार
उन्होंने मतदाता सूची की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2003 की पुरानी सूची पर काम हो रहा है, फॉर्म नहीं बंट रहे और नाम जुड़वाने में लोगों को परेशानी हो रही है। सिंघार ने सवाल किया कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आधार कार्ड बनाया गया, तो उसे मतदाता सूची से क्यों नहीं जोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मनजीत घोषी द्वारा उठाए गए सवालों का समर्थन करती है और सरकार के ऐसे किसी भी दमनकारी कदम का पुरजोर विरोध करेगी।