धार/इंदौर। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर चल रहे विवाद में आज इंदौर हाई कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। करीब डेढ़ घंटे तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एक अहम निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में अगली सुनवाई से पहले खुद भोजशाला परिसर का निरीक्षण करेगी।
यह निरीक्षण 2 अप्रैल से पहले पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 2 अप्रैल से लगातार सुनवाई करने का फैसला किया है, ताकि इस पुराने विवाद का जल्द से जल्द निपटारा हो सके। सुनवाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम, दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे और दलीलें पेश कीं।
हिंदू पक्ष का दावा- सर्वे में मिले मंदिर के प्रमाण
सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने हाल ही में हुए सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि इसमें मंदिर से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं। उन्होंने अपनी दलीलों में इन प्रमाणों को आधार बनाकर भोजशाला को मंदिर होने के अपने दावे को मजबूत करने की कोशिश की। हिंदू पक्ष का मानना है कि सर्वे रिपोर्ट उनके दावे की पुष्टि करती है।
मुस्लिम पक्ष ने रिपोर्ट की व्याख्या पर उठाए सवाल
वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रिपोर्ट के कई बिंदुओं पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने न केवल सर्वे के निष्कर्षों पर सवाल खड़े किए, बल्कि रिपोर्ट की व्याख्या को भी चुनौती दी। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि रिपोर्ट की गलत तरीके से व्याख्या की जा रही है और उनके दावों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
अब कोर्ट के निरीक्षण पर टिकी निगाहें
इस मामले में अब सबकी निगाहें हाई कोर्ट के आगामी निरीक्षण पर टिक गई हैं। अदालत का स्वयं मौके पर जाकर परिसर का मुआयना करना इस केस में एक नया मोड़ ला सकता है। माना जा रहा है कि कोर्ट के निरीक्षण के बाद मामले के कई पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी, जिससे 2 अप्रैल से शुरू होने वाली लगातार सुनवाई को एक नई दिशा मिलेगी।
धार से मोहम्मद अन्सार की रिपोर्ट





