महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और बीड जिले के संरक्षक मंत्री अजित पवार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बार फिर अपने दबंग अंदाज़ को लेकर चर्चा में हैं। गुरुवार को बीड पहुंचे पवार ने जिला कलेक्टर कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद ज्ञापन स्वीकार करते समय उन्होंने सबके सामने बीड विधानसभा के एनसीपी नेता योगेश क्षीरसागर को फटकार लगा दी। वहां मौजूद गवाहों के अनुसार, पवार ने नाराज़गी भरे लहजे में कहा, “तुम कोई काम नहीं कर रहे हो… इसलिए मैं यहां हूं…”। यह घटना कुछ ही सेकंड में हुई, लेकिन उपस्थित लोगों को हैरान कर गई।

बीड में अजित पवार का दबंग अंदाज

पवार का गुस्सा यहीं नहीं थमा। एक समर्थक आवेदन लेकर उनके पास आया और कुछ बोलने लगा, तो उन्होंने बीच में रोकते हुए कहा, “एक मिनट… सुनना सीखो… कागज दे दिया क्या?”। इसके बाद पवार ने समझाया कि भाजपा, एनसीपी और शिवसेना के गठबंधन के कारण फिलहाल नगर निगम का बंटवारा तय नहीं हुआ है। उन्होंने सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मंगेश लोलगे को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस दल के पास कौन-सा निगम जाएगा। पवार ने साफ लहजे में जोड़ा, “अगर निगम में हमारा हिस्सा आता है, तो हम विचार करेंगे, नहीं तो जाकर उनसे मिलो जिन्हें हिस्सा मिलेगा।”

अजित पवार की इस सख्त प्रतिक्रिया के बाद वहां मौजूद कार्यकर्ता और समर्थक चुपचाप पीछे हट गए। उनकी बेबाकी और गुस्से का असर माहौल में साफ महसूस किया गया। पवार का यह अंदाज़ नया नहीं है—वे पहले भी कई बार मीटिंग और कार्यक्रमों में अधिकारियों और नेताओं को फटकार लगा चुके हैं। उनका कहना है कि जिम्मेदार लोगों को अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन करना चाहिए, चाहे वह पार्टी के हों या प्रशासन के।

अपने दौरे के दौरान पवार ने बीड के लोगों से जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की। हालांकि राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि इस तरह का सार्वजनिक व्यवहार अपराधियों और दबंगों के हौसले बढ़ा सकता है। अजित पवार का यह ताज़ा ‘फटकार एपिसोड’ अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और एक बार फिर उनके सख्त, बेबाक और विवादित अंदाज़ को सुर्खियों में ले आया है।