भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी. आर. गवई ने रविवार को कोल्हापुर में बॉम्बे हाईकोर्ट की नई सर्किट पीठ का उद्घाटन किया। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे। सीजेआई गवई ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार न्यायपालिका के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने में हमेशा अग्रणी रही है। उन्होंने उन टिप्पणियों को गलत ठहराया, जिनमें कहा गया था कि राज्य सरकार इस मामले में पीछे है। सीजेआई ने कहा कि फडणवीस और शिंदे की अगुवाई में सरकार ने कम समय में कोर्ट भवन तैयार कर यह साबित किया है कि वह न्यायपालिका के साथ खड़ी है।

बॉम्बे हाईकोर्ट की नई खंडपीठ

सीजेआई गवई ने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि कोल्हापुर में एक पीठ होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए मुंबई नहीं जाना पड़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि कुछ वकील पुणे में भी पीठ की मांग कर रहे हैं, लेकिन यह संभव नहीं है, क्योंकि यह मांग केवल कुछ वकीलों की है, आम लोगों की नहीं। कोल्हापुर में चौथी पीठ की स्थापना कई सालों से उठ रही मांगों के बाद हुई है, जिससे litigants और वकीलों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें याचिकाओं की सुनवाई के लिए 380 किलोमीटर दूर मुंबई नहीं जाना पड़ेगा।

वर्तमान में बंबई हाईकोर्ट की मुख्य पीठ मुंबई में है और इसकी तीन अन्य पीठें नागपुर, औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) और गोवा में हैं। अब कोल्हापुर की चौथी पीठ 18 अगस्त से कार्य करना शुरू करेगी। एक अगस्त को बंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे ने इसकी अधिसूचना जारी की थी। कोल्हापुर पीठ में एक खंडपीठ और दो एकल पीठें होंगी। इसके अधिकार क्षेत्र में छह जिले – सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, रत्नागिरि और सिंधुदुर्ग शामिल होंगे।

नई खंडपीठ में जस्टिस एम. एस. कार्णिक और जस्टिस शर्मिला देशमुख शामिल होंगे। जस्टिस एस. जी. डिगे आपराधिक मामलों जैसे आपराधिक अपील, पुनरीक्षण आवेदन, जमानत याचिका आदि की सुनवाई करेंगे। वहीं जस्टिस एस. जी. चपलगांवकर दीवानी मामलों जैसे रिट याचिकाओं, दीवानी अपीलों और अन्य सिविल मामलों की सुनवाई करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस नई पीठ से न केवल वकीलों और वादियों पर से बोझ कम होगा, बल्कि जनहित याचिकाओं और अन्य मामलों का निपटारा भी तेजी से होगा।