
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने 5 सितंबर 2025 को 185.84 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां अटैच कीं। इसमें मुंबई के 154 फ्लैट्स और 20 फ्लैट्स से जुड़ी रकम (रिसीवेबल्स) शामिल हैं। इससे पहले भी इस केस में करोड़ों की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
यह मामला डीएचएफएल के पूर्व प्रमोटर कपिल वधावन और धीरज वधावन से जुड़ा है। दोनों भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के कंसोर्टियम को धोखा देने के लिए आपराधिक साजिश रची। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इसी आधार पर ईडी ने भी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच शुरू की।
डीएचएफएल बैंक धोखाधड़ी केस
ईडी की जांच में सामने आया कि वधावन ब्रदर्स और डीएचएफएल कंपनी ने हजारों करोड़ के बैंक कर्ज का फर्जीवाड़े से इस्तेमाल किया। आरोप है कि उन्होंने बैंकों से लिए गए लोन को कंपनी के खातों से निकालकर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया और पैसों का गलत उपयोग किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि साल 2017-18 में कपिल और धीरज वधावन ने प्रॉक्सी कंपनियों और इंटर कॉरपोरेट डिपॉजिट्स (ICDs) के जरिए डीएचएफएल के फंड्स को शेयर बाजार में झोंक दिया। उन्होंने ब्रोकरों की मदद से पहले से तय सौदे कराकर कंपनी के शेयरों की कीमत और वॉल्यूम कृत्रिम रूप से बढ़ाने की साजिश रची।
इससे पहले ईडी ने इस केस में 70.39 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की थीं। इतना ही नहीं, 3 अप्रैल 2025 को ईडी ने इस मामले में प्रॉसिक्यूशन शिकायत स्पेशल PMLA कोर्ट, मुंबई में दाखिल की थी। 2 मई 2025 को कोर्ट ने इस शिकायत पर संज्ञान लिया था। अब ताजा कार्रवाई के साथ इस केस में ईडी की कुल अटैचमेंट की रकम बढ़कर 256.23 करोड़ रुपए हो गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि आगे भी और संपत्तियों की पहचान करके कार्रवाई की जाएगी।
