महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने मंगलवार (23 सितंबर) को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए, जिनसे राज्य के अलग-अलग जिलों को राहत और विकास की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि सरकारी अस्पतालों को मज़बूत करने और राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी को फंड देने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही महात्मा फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना से मिलने वाली राशि का अब सीधे मरीजों के इलाज के लिए उपयोग किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा और ज़्यादा लोगों को सस्ती और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों के तहत विभिन्न जिलों में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। नागपुर-नागभीड़ नैरो गेज रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने के लिए 491 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है। अकोला में नया बस स्टेशन, सब्जी मंडी और व्यापारिक संकुल बनाने के लिए नगर निगम को ज़मीन दी जाएगी। इसी तरह, सोलापुर के कुंभारी गांव में महिला बीड़ी मज़दूर सहकारी संस्था द्वारा बनाए गए घरों पर स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी। वसई-विरार नगर निगम को पालघर के आचोले में मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल बनाने के लिए ज़मीन दी गई है, जबकि नासिक रोड की महाराष्ट्र साहित्य परिषद शाखा को देवळाली गांव में ज़मीन आवंटित की गई है।
महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले
बैठक में मुंबई से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। सीएमओ के अनुसार, घाटकोपर में अवैध होर्डिंग गिरने से हुई दुर्घटना की जांच समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दी गई है और उस पर सुझाए गए उपायों को एक महीने में लागू करने का आदेश दिया गया है। साथ ही, मुंबई अंधेरी के एसवीपी नगर में म्हाडा की मदद से पुनर्विकास परियोजना शुरू करने का निर्णय हुआ है। इस परियोजना के तहत 122 संस्थाओं और 307 ज़मीन मालिकों के कुल 4,973 फ्लैटों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
बैठक में मराठवाड़ा क्षेत्र में बारिश से आई आपदा की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया कि सभी मंत्री प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और नुकसान का जायजा लें। उन्होंने कहा कि किसानों की हानि का तुरंत पंचनामा किया जाए और ज़िलाधिकारियों को दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में तत्काल मदद देने के अधिकार दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को तुरंत राहत उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।





