मुंबई: महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान और छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना को लेकर छिड़े सियासी घमासान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार का रुख स्पष्ट कर दिया है। राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए फडणवीस ने विधानसभा में इस मुद्दे पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने साफ कहा कि टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से करना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
यह पूरा विवाद कांग्रेस के एक बयान के बाद शुरू हुआ था, जिसमें टीपू सुल्तान को छत्रपति शिवाजी महाराज के बराबर बताया गया था। इसी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया था, जिस पर अब मुख्यमंत्री ने अपनी स्थिति साफ की है।
‘आपत्ति तुलना से है, बहस से नहीं’
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार की आपत्ति टीपू सुल्तान के अच्छे या बुरे होने की बहस पर नहीं है, बल्कि उसे छत्रपति शिवाजी महाराज के समकक्ष रखने पर है। उन्होंने इस पर सरकार की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसी किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
“सबसे पहले मैं यहां यह स्पष्ट कर दूं कि हमारी आपत्ति किस बात पर है। टीपू सुल्तान अच्छे थे या बुरे थे उस पर आपत्ति नहीं है। हम उस पर चाहे जितनी बहस कर सकते हैं। हमारी आपत्ति इस बात पर है कि जब कोई यह कहता है कि टीपू सुल्तान छत्रपति शिवाजी महाराज जितने ही बड़े राजा थे। जब यह कहा जाता है कि छत्रपति शिवाजी महाराज जितना गुणगान टीपू सुल्तान का भी किया जाना चाहिए, इस पर हमें आपत्ति है।”- देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप
सीएम फडणवीस ने आरोप लगाया कि दशकों तक इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई और टीपू सुल्तान को एक महान राजा के रूप में पेश किया गया। उन्होंने कहा, “हमें यह सिखाया गया कि टीपू सुल्तान महान राजा थे लेकिन हमें यह नहीं बताया गया कि 75 हजार हिंदुओ का कत्ल उन्होंने किया। अंग्रेजो से वे लड़े लेकिन किस लिए लड़े? अपना राज बचाने के लिए वो अंग्रेजो से लड़े।”
उन्होंने NCERT के पाठ्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि 70 सालों तक मुगल साम्राज्य को 17 पन्ने दिए गए जबकि छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को सिर्फ एक पैराग्राफ में समेट दिया गया। फडणवीस ने बताया कि अब मोदी सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज के मराठा इतिहास के लिए NCERT पाठ्यक्रम में 20 पन्ने शामिल किए हैं।
‘हमलावरों को हीरो मानने वालों को नहीं छोड़ेंगे’
देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि अगर देश में सही इतिहास पढ़ाया गया होता तो कोई भी मुसलमान औरंगजेब को अपना हीरो नहीं मानता। उन्होंने कहा, “हमारे इस देश मे कई राष्ट्रभक्त मुसलमान हैं। हमें उनको लेकर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जो लोग इस देश के खिलाफ रहे हैं और जिन्होंने आक्रमण किया उन्हें अपना हीरो मानते होंगे तो ऐसे लोगों के खिलाफ हम जरूर लड़ेंगे, हम उन्हें नही छोड़ेंगे।”






