महाराष्ट्र सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव को मंजूरी दी है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में सेवा प्रवेश नियमों में संशोधन को हरी झंडी दी गई। इन बदलावों के तहत 18 नई सेवाओं का गठन किया जाएगा और समान प्रकृति वाले कुल 93 संवर्गों को मिलाकर भर्ती प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रणाली को आसान, तेज और अधिक पारदर्शी बनाना है।
सरकार के अनुसार इन बदलावों का असर 574 सेवा प्रवेश नियमों पर पड़ेगा। अभी तक अलग-अलग सेवाओं और संवर्गों के लिए अलग नियम होने के कारण उम्मीदवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था और प्रशासनिक प्रक्रिया भी जटिल हो जाती थी। अब शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, कौशल और वरीयता से जुड़े नियमों को सरल और एकरूप बनाया जाएगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित हो सके।
महाराष्ट्र सिविल सेवा परीक्षा का दायरा भी बढ़ाने का फैसला किया
सरकार ने समूह ‘ए’ और ‘बी’ राजपत्रित सेवाओं के लिए आयोजित होने वाली महाराष्ट्र सिविल सेवा परीक्षा का दायरा भी बढ़ाने का फैसला किया है। अभी तक यह परीक्षा छह सेवाओं के अंतर्गत आने वाले 57 संवर्गों के लिए होती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 102 संवर्गों तक किया जाएगा। इसमें 45 नए संवर्ग भी जोड़े जाएंगे। इससे राज्य के प्रशासनिक और तकनीकी विभागों में विभिन्न पदों को भरने में मदद मिलेगी और युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर भी बढ़ेंगे।
कुल 93 संवर्गों को शामिल किया जाएगा
नई बनाई जाने वाली 18 सेवाओं में कुल 93 संवर्गों को शामिल किया जाएगा। इन संवर्गों को अलग-अलग विभागों के समान पदों को मिलाकर तैयार किया जाएगा ताकि संयुक्त परीक्षाओं को व्यवस्थित किया जा सके। इन सेवाओं को दो मुख्य समूहों में बांटा जाएगा। पहला प्रशासनिक संवर्ग समूह होगा, जिसमें प्रबंधन और नीति से जुड़े पद शामिल होंगे। दूसरा तकनीकी संवर्ग समूह होगा, जिसमें विशेष तकनीकी ज्ञान वाले पद रखे जाएंगे। इससे भर्ती और प्रशिक्षण दोनों प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित हो सकेंगी।
भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने कुछ अन्य फैसले भी किए हैं। अब कुछ राजपत्रित पदों को साक्षात्कार के माध्यम से भरने के बजाय पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति के जरिए भरा जाएगा। इससे सरकारी सेवा में पहले से काम कर रहे अनुभवी कर्मचारियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और चयन प्रक्रिया भी तेज होगी।
पुराने संवर्ग को ‘डाइंग कैडर’ घोषित किया जाएगा
सरकार ने यह भी फैसला किया है कि कुछ पुराने संवर्ग जिन्हें अब कम जरूरत है, उन्हें धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा और उन्हें ‘डाइंग कैडर’ घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही बदलते समय को देखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे आधुनिक क्षेत्रों से जुड़े नए पद भी भविष्य में बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा गैर-राजपत्रित पदों के लिए इंटरव्यू की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हो सके।
इन सुधारों के तहत ‘निपुण सेतु’ नाम से एक नई पहल भी शुरू की जाएगी। यह संघ लोक सेवा आयोग के ‘प्रतिभा सेतु’ मॉडल की तरह होगी। इसमें उन उम्मीदवारों की जानकारी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों को उपलब्ध कराई जाएगी जो एमपीएससी इंटरव्यू के अंतिम चरण तक पहुंचे लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सके। यह जानकारी महाजॉब्स पोर्टल के माध्यम से साझा की जाएगी, जिससे इन उम्मीदवारों को अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिल सकें।






