महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। दरअसल मराठा आरक्षण की पुरजोर मांग के साथ आमरण अनशन पर डटे मनोज जरांगे पाटिल का स्वास्थ्य देर रात अचानक बिगड़ गया, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए छत्रपति संभाजीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने मराठा समुदाय के समर्थकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है।
वहीं मराठा आरक्षण आंदोलन के एक प्रमुख और बड़ा चेहरा बने मनोज जरांगे पाटिल लगातार आमरण अनशन पर थे, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनशन के चलते उनका स्वास्थ्य अचानक ही खराब हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल डॉक्टरों की एक टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें गहन निगरानी में छत्रपति संभाजीनगर के एक अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
मनोज जरांगे पाटिल ने अपने आंदोलन की शुरुआत शनिवार (30 मई) को जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से की थी। यहीं पर उन्होंने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। उनका स्पष्ट आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समाज से किए गए अपने वादों को अब तक पूरा नहीं किया है, जिससे समुदाय में भारी रोष है। इसी वादाखिलाफी और सरकार की ढिलाई के विरोध में जरांगे पाटिल ने एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया है।
जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार पर लगाया आरोप
दरअसल जरांगे पाटिल ने सीधे तौर पर महाराष्ट्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उनका दृढ़ता से कहना है कि मराठा समुदाय को कुनबी प्रमाणपत्र प्रदान करने और आरक्षण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार बिल्कुल भी गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में कई बार सरकार की ओर से केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आश्वासनों को पूरा करने के लिए कोई भी ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी। इसी कारण उन्हें बाध्य होकर एक बार फिर भूख हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा है।
अस्पताल के बाहर जमा हो गए समर्थक
दरअसल मनोज जरांगे पाटिल के अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने की खबर जैसे ही सामने आई, उनके लाखों समर्थकों में तत्काल चिंता की लहर दौड़ गई। अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही, राज्य के कोने-कोने से बड़ी संख्या में समर्थक छत्रपति संभाजीनगर के अस्पताल के बाहर जमा हो गए। सभी उनके स्वास्थ्य की नवीनतम जानकारी प्राप्त करने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार मनोज जरांगे पाटिल के स्वास्थ्य की गहन निगरानी कर रही है और उनकी स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
मनोज जरांगे पाटिल ने अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद अपनी मांगों पर अडिग रहने का स्पष्ट ऐलान किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि मराठा समाज को आरक्षण दिलाने की यह लड़ाई अभी तक समाप्त नहीं हुई है और जब तक महाराष्ट्र सरकार उनकी सभी मांगों पर कोई ठोस और निर्णायक फैसला नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। जरांगे पाटिल का यह भी कहना है कि अब मराठा समाज केवल कोरे आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा।






