मुंबई में मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में 10 बड़े निवेश सामंजस्य करार (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। मंत्रालय में हुए इस समझौते के दौरान मुख्य सचिव राजेश कुमार, उद्योग सचिव डॉ. पी. अन्बलगन, एमआईडीसी के सीईओ पी. वेलारासू, विकास आयुक्त दीपेंद्र सिंह कुशवाह और कई उद्योगपतियों ने भाग लिया। इन समझौतों से राज्य में कुल 42,892 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 25,892 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह करार महाराष्ट्र की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति के लिए अहम कदम साबित होंगे।

42 हजार करोड़ की नई निवेश योजनाएं

इन MoU में कई प्रमुख कंपनियों ने निवेश करने की घोषणा की है। ज्युपिटर इंटरनॅशनल लिमिटेड ने सोलर पैनल उत्पादन के लिए 10,900 करोड़ का निवेश कर 8,308 रोजगार देने का आश्वासन दिया है। डेटा सेंटर क्षेत्र में रोचक सिस्टम्स (2,508 करोड़, 1,000 रोजगार), रोव्हिसन टेक हब (2,564 करोड़, 1,100 रोजगार) और वेबमिंट डिजिटल (4,846 करोड़, 2,050 रोजगार) निवेश करेंगे। पोलाद उद्योग के लिए वॉव आयर्न अँड स्टील प्रा.लि. ने 4,300 करोड़ निवेश का निर्णय लिया है। वहीं, एटलस कॉपको औद्योगिक उपकरणों में 575 करोड़ लगाकर 3,400 नौकरियां बनाएगी। ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में एलएनके ग्रीन एनर्जी 4,700 करोड़ निवेश करेगी जिससे 2,500 रोजगार मिलेंगे। सबसे बड़ा निवेश प्रेस्टिज एस्टेट प्रोजेक्ट लिमिटेड की ओर से होगा, जो डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए 12,500 करोड़ लगाएगी और 8,700 रोजगार उपलब्ध कराएगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि निवेशकों ने ठोस और सकारात्मक प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने बताया कि IIT मुंबई और IIT मद्रास की सक्रियता से राज्य में हायपरलूप प्रोजेक्ट को भी गति मिल रही है। यह प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और मोबिलिटी के क्षेत्र में न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में बड़ा बदलाव लाएगा। फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि अत्याधुनिक तकनीक और उद्योगों को प्रोत्साहन देकर महाराष्ट्र को औद्योगिक हब बनाया जाए।

इसके अलावा, ग्लोबल इंडिया बिजनेस कॉरिडोर के माध्यम से महाराष्ट्र में ब्रिटेन और यूरोप से निवेश आकर्षित करने के लिए भी करार किया गया है। साथ ही, TUTR Hyperloop प्रा.लि. कंपनी की ओर से जेएनपीटी और वाढवण बंदर पर अत्याधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने का समझौता हुआ है। इन परियोजनाओं से महाराष्ट्र की औद्योगिक, परिवहन और रोजगार संभावनाओं को नई दिशा मिलेगी।