महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार हलचल मचाने वाले शरद पवार ने एक बार फिर बड़ा दांव चला है। मराठा आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने महायुति सरकार पर समाज को तोड़ने और सामाजिक संरचना कमजोर करने का आरोप लगाया। पवार ने पार्टी बैठक में अपने कार्यकर्ताओं को सरकार की नीतियों का कड़ा काउंटर करने का निर्देश दिया। उनके निशाने पर खासतौर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस थे, लेकिन बाद में फडणवीस ने भी एक तीखे अंदाज में पलटवार किया।
पवार ने कहा कि सरकार समाज में दरारें चौड़ी कर रही है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कई ओबीसी, आदिवासी और बंजारा संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर मराठा आरक्षण से जुड़े जीआर को वापस नहीं लिया गया तो वे बड़े पैमाने पर विरोध करेंगे। यह जीआर मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद जारी हुआ था, जिसके तहत मराठा समुदाय को कुनबी जाति का प्रमाणपत्र और आरक्षण देने के लिए हैदराबाद गजट लागू किया गया है। संगठनों का कहना है कि इससे एससी, एसटी और ओबीसी पर बड़ा असर पड़ेगा।
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पवार का मराठा आरक्षण पर हमला
पवार ने आरोप लगाया कि कैबिनेट उप-समितियां केवल मराठा और ओबीसी मंत्रियों के साथ बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले कभी भी किसी समिति का गठन जाति और समुदाय के आधार पर नहीं हुआ। यह कदम सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश है। पवार ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस मसले पर डटकर मुकाबला करें, चाहे इसके लिए राजनीतिक कीमत क्यों न चुकानी पड़े। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द और एकता पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
जरांगे के आंदोलन को लेकर पवार ने चुप्पी साधी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका मनोज जरांगे या उनके आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। पवार ने माना कि राज्य में जातीय और सामुदायिक खाइयां गहरी हैं और यह गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी को किसान प्रकोष्ठ मज़बूत करने और कृषि क्षेत्र को नुकसान से बचाने के लिए ठोस नीतियां बनाने पर जोर दिया।
इस बीच पवार ने विदेश नीति को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीति के कारण भारत के दोस्त कम हो गए हैं और पड़ोसी देश भारत के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। अमेरिका भारत को डिक्टेट कर रहा है। इस पर फडणवीस ने चुटकी लेते हुए कहा कि सब जानते हैं, पवार साहब किस चीज के लिए मशहूर हैं। जब वे ‘एक्स’ कहते हैं तो उसका मतलब ‘वाई’ होता है। वे बड़े नेता हैं और उनके बारे में और कुछ कहने की जरूरत नहीं है।