मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। विधानसभा में बोलते हुए आजमी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में मुस्लिम समुदाय के लिए हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है।

अबू आजमी ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य में नफरत का माहौल इस कदर बढ़ गया है कि किसी की पहचान देखकर उस पर हमला किया जा सकता है। उन्होंने सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए।

बढ़ती नफरत और हालिया घटनाएं

सपा विधायक ने अपनी बात को साबित करने के लिए हाल में हुई कुछ घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “सत्ता के लिए नफरत बढ़ाने का नतीजा आज महाराष्ट्र भुगत रहा है।” आजमी ने पुणे में इफ्तार कर रहे लोगों पर धारदार हथियारों से हुए हमले, अकोला में महज देखने पर 17 साल के मासूम मवीश की हत्या और नांदेड़ में ईद के दिन हुए संदिग्ध मोटरसाइकिल ब्लास्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये सभी घटनाएं समाज में बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाती हैं, जो देश को कमजोर कर रही हैं।

“आज मुसलमानों के लिए सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। दाढ़ी, कुर्ता-टोपी पहनकर निकलने वाले को कब कौन मार दे, कुछ कहा नहीं जा सकता।”- अबू आजमी, सपा विधायक

सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग

अबू आजमी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहद खराब बताया और कहा कि समाज में सहनशीलता खत्म होती जा रही है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।

उन्होंने कहा, “मेरी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग है कि हेट क्राइम के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कदम उठाए जाएं।” आजमी ने यह भी कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी समुदाय को डर के साए में जीने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।