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BMC मेयर चुनाव: संजय राउत का BJP पर गंभीर आरोप, कहा- ‘हमारे और अपने पार्षदों के फोन टैप हो रहे’

Written by:Banshika Sharma
Published:
बीएमसी मेयर पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच खींचतान तेज हो गई है. उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने बीजेपी पर अपने और शिवसेना के पार्षदों के फोन टैप करने का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है.
BMC मेयर चुनाव: संजय राउत का BJP पर गंभीर आरोप, कहा- ‘हमारे और अपने पार्षदों के फोन टैप हो रहे’

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में मेयर पद को लेकर सियासी घमासान चरम पर है. चुनाव में बहुमत हासिल करने वाले बीजेपी-शिवसेना गठबंधन में मेयर पद को लेकर खींचतान जारी है. इस बीच उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को एक सनसनीखेज दावा कर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है.

संजय राउत ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) न सिर्फ शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षदों पर नजर रख रही है, बल्कि अपने नवनिर्वाचित पार्षदों के फोन भी टैप करवा रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पार्षदों की निगरानी के लिए कार्यकर्ताओं को लगाया गया है.

‘दिल्ली से तय हो रहा मुंबई का मेयर’

संजय राउत ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि मुंबई का मेयर कौन बनेगा, यह दिल्ली से तय किया जा रहा है. उन्होंने इसे महाराष्ट्र का अपमान बताया. मीडिया से बातचीत में राउत ने कहा,

“बीजेपी कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के हर कॉर्पोरेटर की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. बीजेपी अपने ही कॉर्पोरेटर के फोन भी टैप कर रही है.”

उन्होंने यह भी दावा किया कि एक लग्जरी होटल में रखे गए शिवसेना के पार्षदों के फोन भी टैप किए जा रहे हैं.

BJP का पलटवार, पुराने मामले की दिलाई याद

संजय राउत के इन गंभीर आरोपों को बीजेपी ने सिरे से खारिज कर दिया है. बीजेपी पार्षद नवनाथ बन ने राउत पर पलटवार करते हुए महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार के दौरान हुई घटनाओं की याद दिलाई. उन्होंने कहा,

“हमें फोन टैपिंग की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि हमें अपने नगरसेवकों पर पूरा भरोसा है. लेकिन संजय राउत को यह बताना चाहिए कि जब MVA सत्ता में थी, तब एकनाथ शिंदे और उदय सामंत का फोन किसने टैप किया था. हमारे पास पार्षदों का मजबूत समर्थन है और हम ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होते.”

सियासी समीकरणों के बीच राज ठाकरे से मुलाकात

इस सियासी घमासान के बीच संजय राउत ने मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की. इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बीएमसी में मेयर पद को लेकर दोनों प्रमुख सहयोगी दलों में रस्साकशी चल रही है.

क्या है BMC का गणित?

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने ठाकरे परिवार के लगभग तीन दशकों के वर्चस्व को समाप्त कर दिया है. 227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत के लिए 114 पार्षदों की जरूरत होती है. बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 29 सीटें जीती हैं. दोनों का आंकड़ा मिलकर 118 होता है, जो बहुमत से चार ज्यादा है.

जीत के बाद शिवसेना ने अपने पार्षदों को एक लग्जरी होटल में शिफ्ट कर दिया था, जिसे पार्टी ने ‘ओरिएंटेशन वर्कशॉप’ का नाम दिया. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कह रहे हैं कि मेयर ‘महायुति’ का ही बनेगा, लेकिन उन्होंने इस पद के लिए शिवसेना का दावा भी मजबूती से पेश किया है.