महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने राज्य के किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। विधानसभा में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना’ की घोषणा की, जिसका सीधा लाभ लाखों किसानों को मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत किसानों का 2 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ कर दिया जाएगा।
सरकार ने सिर्फ कर्जमाफी तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि उन किसानों को भी प्रोत्साहित करने का फैसला किया है जो समय पर अपने ऋण का भुगतान करते हैं। घोषणा के अनुसार, जो किसान नियमित रूप से अपनी किस्त चुकाते हैं, उन्हें सरकार की ओर से 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस दोहरी रणनीति से किसानों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी बढ़ावा देना है।
कैसे लागू होगी कर्जमाफी योजना?
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महत्वपूर्ण योजना के पारदर्शी और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति ऋण माफी की प्रक्रिया की निगरानी करेगी और इसके लिए एक दीर्घकालिक योजना भी तैयार करेगी। योजना के तहत 30 सितंबर, 2025 तक के फसल ऋण बकायेदारों को लाभ मिलेगा।
सीएम ने कहा, “बैंकिंग प्रणाली की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए हम समिति की सिफारिशों के अनुसार निर्णय लेंगे। समिति की सिफारिशों के आधार पर ही आगे की रूपरेखा तय होगी।”
महिलाओं और ग्रामीण विकास पर भी फोकस
किसानों के अलावा सरकार ने महिला कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि ‘मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना’ महाराष्ट्र में आगे भी जारी रहेगी और इसके लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना का लक्ष्य 25 लाख बहनों को करोड़पति बनाना है। इसके साथ ही, राज्य में एकल महिलाओं के कल्याण के लिए भी जल्द ही एक नई नीति लाने की घोषणा की गई।
बजट में कई अन्य योजनाओं का भी ऐलान किया गया, जिनमें शामिल हैं:
- महाराष्ट्र प्राकृतिक कृषि मिशन
- मत्स्य पालन योजना
- ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना
- महाराष्ट्र बलिराजा शेत पानंद सड़क योजना
इसके अतिरिक्त, सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके 75 गांवों में एक पायलट परियोजना भी लागू करेगी, जिसका मकसद लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। फडणवीस ने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र देश का वित्तीय इंजन है और 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है।






