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लोकायुक्त एक्शन: 30 हजार की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार, पहले भी ले चुका था घूस

Reported by:Kamlesh Sarda|Edited by:Atul Saxena
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लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आरोपी पटवारी शिकायत के दिन ही 10 हजार रुपये पूर्व में ले चुका था और शेष 30 हजार रुपये लेते समय ट्रैप टीम ने उसे धर दबोचा।
लोकायुक्त एक्शन: 30 हजार की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार, पहले भी ले चुका था घूस

lokayukta police action

मध्य प्रदेश लोकायुक्त के पुलिस महानिदेशक के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश तथा लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में उज्जैन लोकायुक्त दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, दिनांक 16 फरवरी 2026 को आवेदक दिनेश चंद्र जोशी, निवासी ग्राम धलपत, तहसील सुवासरा, जिला मंदसौर ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन को लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में बताया गया कि उसके बड़े भाई स्वर्गीय भगवती प्रसाद की कोई संतान नहीं थी। उन्होंने आवेदक के पुत्र आनंद जोशी को विधिवत गोद लेकर दत्तक पुत्र बनाया था।

भाई भगवती प्रसाद के नाम दर्ज कृषि भूमि का नामांतरण दत्तक पुत्र आनंद जोशी के नाम कराने के लिए जब वह हल्का पटवारी हरीश पाटीदार से मिला, तो पटवारी ने नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार 

शिकायत की प्राथमिक जांच एवं तस्दीक के बाद लोकायुक्त उज्जैन दल द्वारा ट्रैप की योजना बनाई गई। योजना के तहत बुधवार 18 फरवरी 2026 को तहसील कार्यालय सुवासरा में कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी हरीश पाटीदार को आवेदक से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

पूर्व में ले चुका था 10 हजार रुपये 

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आरोपी पटवारी शिकायत के दिन ही 10 हजार रुपये पूर्व में ले चुका था और शेष 30 हजार रुपये लेते समय ट्रैप टीम ने उसे धर दबोचा। कार्रवाई के दौरान निरीक्षक राजेंद्र वर्मा के नेतृत्व में आरक्षक उमेश जाटव, विशाल रेशमिया, नेहा मिश्रा, हितेश ललावत एवं इसरार की टीम शामिल रही। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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