नाली के विवाद में दो पक्षों में झगड़ा, गोली लगने से एक युवक घायल

नाली के विवाद में दो पक्षों में झगड़ा, गोली लगने से एक युवक घायल

मुरैना।संजय दीक्षित

पोरसा थाना क्षेत्र के मेहंदी रायपुरा उसैत गांव में नाली का पानी घर के सामने भर जाने के विवाद को लेकर उसैद क्षेत्र के मेहंदी रायपुरा में दो पक्षों में झगड़ा शुरू हो गया।इस झगड़े में बीच बचाव करने पहुंचे सुदीप राठौर की कमर में गोली लग गयी जिससे वह घायल हो गया। घायल अवस्था में इलाज के लिए अंबाह ले जाया गया जहां से डॉक्टर ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।जिला अस्पताल में गंभीर हालत को देखते हुए ग्वालियर के लिए रैफर कर दिया।

चूंकि मेहंदी रायपुरा में रहने वाले आरोपी पक्ष के श्रीनिवास तोमर के दरवाजे पर नाली बन्द हो गयी थी।जिसके कारण नाली का पानी दरवाजे पर भरने लगा। श्रीनिवास ने पड़ोस में रहने वाले लोगों से शिकायत की उनकी नाली का पानी उनके दरवाजे पर नहीं आना चाहिए ।इसी बीच दोनों पक्षों में कहा सुनी हो गयी और गाली-गलौज करने लगे।इसी बीच दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे पर पत्थर फेंकने और फायरिंग शुरू कर दी।जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा हैं।इसी बीच सुदीप राठौड़ पुत्र बृजपाल राठौर निवासी बेलार मैनपुरी बीच बचाव करने पहुंचा तो श्रीनिवास तोमर पक्ष के लोगों ने 12 बोर की बंदूक से फायर किया। जिससे गोली सुदीप राठौर के कमर में लग गयी और गंभीर रूप से घायल हो गया ।पुलिस ने इस मामले में 4 लोगो के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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