कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी गुरुवार को पत्रकारों पर भड़क उठीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि मीडिया सरकार के जाल में फंसी हुई है और हमेशा सरकार के इशारे पर सवाल पूछती है। उन्होंने साफ कहा कि अब वे सिर्फ प्रासंगिक सवालों के ही जवाब देंगी।
पत्रकारों के सवालों पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में नहीं आए, जबकि देशभर में छात्र सड़कों पर हैं। उन्होंने मीडिया से सवाल किया कि वह सरकार से यह क्यों नहीं पूछता कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा कब देंगे।
मीडिया पर नाराज़ हुईं प्रियंका गांधी
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी एक बार फिर मीडिया पर नाराज़ नजर आईं। उन्होंने पत्रकारों पर सरकार के एजेंडे के मुताबिक सवाल पूछने का आरोप लगाया और कहा कि अब वह सिर्फ उन्हीं सवालों का जवाब देंगी जो छात्रों, युवाओं और देश के मौजूदा मुद्दों से जुड़े होंगे।
उन्होंने संसद में चल रहे हंगामे और देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए, जबकि पूरा देश का युवा सड़कों पर उतरा हुआ है। प्रियंका गांधी ने पूछा, “इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है और प्रधानमंत्री जी सदन में नहीं आए हैं, फिर भी आप मुझसे पूछ रहे हैं कि सदन क्यों नहीं चल रहा है?”
“सरकार से कीजिए सवाल”
प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से छात्रों की मांगों, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, अमित शाह द्वारा लाठीचार्ज और प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए एनएसए जैसे मुद्दों पर सवाल पूछने की मांग की। उन्होंने कहा कि “मुझसे पूछो कि छात्रों के लिए क्या हो रहा है। सरकार से पूछिए कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा कब देंगे। क्या आपने उनसे पूछा है? गोल-मोल जवाब मत दीजिए, सीधी बात कहिए।” उन्होंने आगे कहा, “बाहर जो प्रदर्शन कर रहे हैं उनके माता-पिता उन्हें फोन तक नहीं कर सकते क्योंकि इंटरनेट बंद कर दिया गया है। उन पर NSA लगाया गया है। क्या ये आतंकवादी हैं? जब आप इन सवालों को उनसे पूछेंगे, तब मैं आपके सवालों का जवाब दूंगी।” बता दें कि बुधवार को भी प्रियंका गांधी ने मीडिया को भी खरी खरी सुनाते हुए कहा था कि उसे अब सच दिखाना और सच बोलना शुरू कर देना चाहिए।






