इस रिपोर्ट में बताया गया है कि प्लेन के हवा में उड़ने के तीन सेकंड के बाद ही दोनों इंजन के फ्यूल कट ऑफ स्विच चालू से बंद कंडीशन में चले गए थे जिसकी वजह से दोनों इंजन तक फ्यूल नहीं पहुंच सका और जिसकी वजह से दोनों ही इंजन ठप हो गए।

ब्लैक बॉक्स में पायलट कॉकपिट में जो बातें हुई थी उन्हें पूरी तरह से रिकवर कर लिया गया है जिसमें यह सामने आया कि फ्लाइट के में पायलट ने दूसरे से पूछा कि ‘ तुमने फ्यूल कट क्यों किया ‘ इसके बाद दूसरे ने यह जवाब दिया कि ‘ मेने नहीं किया ‘ जो दर्शाता है कि यह गड़बड़ी पायलेट्स के द्वारा तो नहीं की गई है लेकिन फिर भी उनके ऊपर शंका जताई जा रही है वहीं दूसरी ओर एयर इंडिया के सीईओ कैपेबल विल्सन ने बताया कि एयरक्राफ्ट में किसी भी तरह की कोई मैकेनिक दिक्कत नहीं थी और ना ही कोई रूटिंग चेकअप में दिक्कत थी।

पायलट को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल

इस प्लेन को ऑपरेट करने वाले दोनों ही पायलट काफी ज्यादा एक्सपीरियंस थे फ्लाइट के कैप्टन सुमित सभरवाल के पास 15000 घंटे से भी ज्यादा का फ्लाइट उड़ने का अनुभव था वही को पायलट क्लाइव कुंदर के पास भी 3000 घंटे से भी ज्यादा फ्लाइंग एक्सपीरियंस था। इसके अलावा दोनों ने ही प्लेन उड़ने से पहले जो टेस्ट किए जाते हैं उन्हें भी पूरी तरह से पास कर लिया और जरूरी आराम भी उन्हें मिला था। फिर भी कॉकपिट में हुई उनकी बातों से लग रहा है कि दोनों के बीच में कुछ ना कुछ कंफ्यूजन था, क्योंकि यह जो फ्यूल स्विच होता है इसे बंद करना आसान नहीं होता है इसे किसी पायलट द्वारा या फिर मेंटेनेंस या रुटीन चेकअप के दौरान ही बंद किया जा सकता है, फिर भी अभी काफी सारी संभावनाएं हैं, जो आने वाली रिपोर्ट में सामने आएगी।

AAIB की रिपोर्ट के बाद आया सीईओ का बयान

शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद एयर इंडिया के सीईओ ने कहा कि हमें बयान बाजी पर ध्यान न देते हुए इन चीजों पर ध्यान देना चाहिए कि रिपोर्ट में ना ही कोई विमान या इंजन में खराबी होने की कोई जानकारी पाई गई है और ना ही किसी भी तरह का कोई मेंटेनेंस रूटिंग चेकअप या फिर फ्यूल क्वालिटी में कोई कमी पाई गई है यहां तक की फ्लाइट के पहले दोनों पायलेट्स का ब्रेक एनालिसिस द्वारा टेस्ट भी किया गया था और उनकी मेडिकल कंडीशन भी सही थी, जिसे लेकर भी कोई गलती सामने नहीं आई है।