आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है और उनकी जगह पंजाब से ही सांसद और शिक्षाविद् डॉ. अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। ‘आप’ ने इस बदलाव की आधिकारिक जानकारी राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर दी है।

इसके साथ ही पार्टी ने इस पत्र में ये अनुरोध भी किया है कि अब राघव चड्ढा को पार्टी के कोटे से राज्यसभा में बोलने का समय न दिया जाए। यह कदम पार्टी की संसदीय रणनीति में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाया

आम आदमी ने गुरुवार को राज्यसभा में अपने संसदीय नेतृत्व में बदलाव किया है। पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता के पद से हटा दिया है और उनकी जगह पंजाब से सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। राज्यसभा में पार्टी के नेता का पद संजय सिंह के पास ही बना रहेगा। आप ने इस फैसले की जानकारी राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र के जरिए दे दी है।

पत्र में पार्टी के कोटे से राज्यसभा में बोलने का समय न देने का भी अनुरोध

पत्र में पार्टी ने डॉ. अशोक मित्तल को उपनेता नियुक्त करने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि राघव चड्ढा को अब आम आदमी पार्टी के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए। यह कदम पार्टी की संसदीय रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। बता दें कि आम आदमी पार्टी केराज्यसभा में कुल 10 सदस्य हैं जिनमें 7 पंजाब और 3 दिल्ली से हैं। यह संख्या उन्हें उच्च सदन में चौथी सबसे बड़ी पार्टी बनाती है।

कौन हैं डॉ. अशोक मित्तल

डॉ. अशोक कुमार मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और देश के प्रमुख शिक्षाविदों में शुमार हैं। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक चांसलर हैं, जो पंजाब के फगवाड़ा में स्थित भारत की सबसे बड़ी सिंगल-कैंपस निजी विश्वविद्यालयों में से एक है। LPU में 35,000 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं, जो देश के हर राज्य और 50 से अधिक देशों से आते हैं। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों के बाद AAP ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामांकित किया था और वे बिना विरोध के चुने गए। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वे शिक्षा क्षेत्र के उद्यमी के रूप में जाने जाते थे।