उज्जैन के माधव साइंस कॉलेज में डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी से गुरुवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। दरअसल इस घटना के बाद कॉलेज में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। डॉ. अंबेडकर विद्यार्थी संगठन के कार्यकर्ता सीधे प्रिंसिपल के कमरे में पहुंच गए और वहां जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। छात्रों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दो दिन के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कॉलेज में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
दरअसल यह पूरा मामला तब सामने आया जब देवास रोड स्थित माधव साइंस कॉलेज के जियोलॉजी विभाग की एक क्लासरूम में बाबा साहेब अंबेडकर के नाम से अभद्र टिप्पणी लिखी मिली है। सूचना मिलते ही डॉ. अंबेडकर विद्यार्थी संगठन के सदस्य मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने क्लासरूम के बोर्ड पर आपत्तिजनक बातें देखीं, जिसके बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया है। इस जानकारी के बाद कॉलेज परिसर में तुरंत हंगामा शुरू हो गया है।
छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे
दरअसल संगठन के कार्यकर्ता इसके बाद तुरंत प्रिंसिपल हरीश व्यास के दफ्तर में पहुंच गए। वहां उन्होंने प्रिंसिपल को पूरे मामले की जानकारी दी और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। छात्रों का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी कॉलेज के माहौल को खराब कर रही है और डॉ. अंबेडकर का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रिंसिपल ने छात्रों को शांत करने और रोकने की कोशिश की है, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे हैं। इस दौरान प्रिंसिपल हरीश व्यास और छात्रों के बीच हल्की कहासुनी भी हुई है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी आश्वासन पर तब तक भरोसा नहीं करेंगे, जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती।
पुलिस प्रिंसिपल के कमरे में ही मौजूद रही
छात्रों के हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई । पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की है, लेकिन वे शांत नहीं हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रिंसिपल के कमरे में ही मौजूद रही, ताकि स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सके। डॉ. अंबेडकर विद्यार्थी संगठन के राम सोलंकी ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि उन्हें जियोलॉजी विभाग की कक्षा में बाबा साहेब अंबेडकर के नाम से अभद्र टिप्पणी लिखे जाने की सूचना मिली थी। सोलंकी ने इस बात पर जोर दिया कि यह कॉलेज में इस तरह की दूसरी घटना है, जो काफी चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन पहले भी ऐसी घटनाओं को गंभीरता से नहीं लेता है।
छात्र संगठन ने प्रिंसिपल को दो दिन का समय दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस तय समय के भीतर आरोपियों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने विरोध को और तेज करेंगे। छात्रों ने कहा है कि वे कॉलेज परिसर में बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे, जिसमें कक्षाओं का बहिष्कार और अन्य विरोध प्रदर्शन भी शामिल हो सकते हैं। इस घटना ने कॉलेज प्रशासन पर तुरंत और सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और कॉलेज का शैक्षणिक माहौल शांत बना रहे। पुलिस भी इस मामले पर नजर रख रही है और आगे की कार्रवाई के लिए कॉलेज प्रशासन के फैसले का इंतजार कर रही है।






