केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि आने वाले समय में कक्षा 3 से AI आधारित शिक्षा लागू की जाएगी। उन्होंने यह घोषणा नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत बोधन AI कॉन्क्लेव 2026’ के उद्घाटन अवसर पर की। केंद्र सरकार की इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चल रहे शिक्षा सुधारों के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा, शोध और कौशल विकास का मज़बूत उपकरण बन चुका है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की योजना है कि विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही एआई की समझ दी जाए ताकि वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
शिक्षा में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में दो दिवसीय ‘भारत बोधन AI कॉन्क्लेव 2026’ का उद्घाटन किया। शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ से पहले एक प्री-समिट आयोजन के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत सरकार शिक्षा में अत्याधुनिक तकनीक लाने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले बजट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस AI फॉर एजुकेशन के लिए प्रावधान किया गया था, जिसके तहत IIT मद्रास में बोधन AI फाउंडेशन स्थापित किया गया है।
तीसरी कक्षा से दी जाएगी एआई आधारित शिक्षा
यहां पत्रकारों से बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में कक्षा 3 से ही AI आधारित शिक्षा की व्यवस्था लागू की जाएगी और इसे आवश्यकतानुसार चरणबद्ध तरीके से विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एआई अब एक अत्याधुनिक टूल बन चुका है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में लगभग 30 करोड़ विद्यार्थी, करीब एक करोड़ स्कूल शिक्षक और लगभग 15 लाख कॉलेज व उच्च शिक्षा के शिक्षक हैं। यदि इन सभी के बीच एआई टूल्स का व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तो शिक्षा की गुणवत्ता, दक्षता और नवाचार क्षमता में व्यापक सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि “एआई एक अत्याधुनिक टूल बन चुका है और इसे शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी व समावेशिता के साथ शामिल किया जाएगा।” बता दें कि सरकार ने पूर्व में ‘एआई फॉर एजुकेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की घोषणा भी की थी, जिसके माध्यम से एआई आधारित शैक्षणिक नवाचारों को संस्थागत रूप दिया जा रहा है।





