आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि नेपाल में चल रहे दंगों के कारण लगभग 200 तेलुगु लोग वहां फंसे हुए हैं। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश को स्थिति की वास्तविक समय में निगरानी करने का जिम्मा सौंपा है। अनंतपुर में सुपर सिक्स सुपर हिट सभा को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि तेलुगु लोगों के मुश्किल समय में उनकी सहायता करना राज्य सरकार का कर्तव्य है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने नेपाल में फंसे तेलुगु भाषी नागरिकों की सहायता के लिए नई दिल्ली में आंध्र भवन में एक आपातकालीन कक्ष स्थापित किया है। आंध्र भवन के आयुक्त अर्जा श्रीकांत ने बताया कि मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और आंध्र भवन के अधिकारियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
30 तेलुगु लोगों को भोजन
श्रीकांत के अनुसार, काठमांडू के बफल क्षेत्र में लगभग 30 तेलुगु लोगों को भोजन, आवास और चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। आंध्र भवन में एक आपातकालीन नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो स्थिति पर नजर रख रहा है। इसके अलावा, कुछ तेलुगु परिवारों को काठमांडू के एक होटल से पास के एक गेस्ट हाउस में स्थानांतरित किया गया है, क्योंकि वहां प्रदर्शनकारियों के जमा होने और आगजनी की धमकी की खबरें थीं।
भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क
आंध्र प्रदेश सरकार विदेश मंत्रालय और काठमांडू में भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क में है ताकि तेलुगु लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आपातकालीन कक्ष चौबीसों घंटे काम कर रहा है। दूतावास तथा स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर तेलुगु लोगों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित कर रहा है।





