अमरावती: आंध्र प्रदेश में न्यायिक ढांचे को एक बड़ी मजबूती मिली है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने रविवार को अमरावती का दौरा किया, जहां उन्होंने करोड़ों रुपये की लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के कई जज भी मौजूद रहे।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सबसे पहले आंध्र प्रदेश ज्यूडिशियल एकेडमी का शिलान्यास किया। यह एकेडमी न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। इसके अलावा, उन्होंने हाईकोर्ट के जजों के लिए बने एक आलीशान आवासीय परिसर का भी उद्घाटन किया।
करोड़ों की लागत से तैयार होगा न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर
अमरावती में शुरू की गईं इन परियोजनाओं का उद्देश्य न्यायपालिका को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है। सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत सैकड़ों करोड़ रुपये है।
ज्यूडिशियल एकेडमी: यह एकेडमी 165 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही है। लगभग 2.05 लाख स्क्वायर फीट के बिल्ट-अप एरिया में फैले इस कॉम्प्लेक्स में एक एकेडमिक ब्लॉक, हॉस्टल और इनडोर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं होंगी। इसमें हर बैच में 120 ट्रेनी जजों के रहने और ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी।
जज रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स: सीजेआई ने पिचुकलापलेम में बने हाईकोर्ट जज रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स का भी उद्घाटन किया। 33.20 एकड़ में फैले इस परिसर को 210 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसमें 36 न्यायाधीशों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस घर (G+1) बनाए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक 7,841 स्क्वायर फीट का है। भविष्य की जरूरतों के लिए 13 अतिरिक्त बंगले बनाने की जगह भी रखी गई है।
जज गेस्ट हाउस: इसके साथ ही, सीजेआई ने 69.40 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले आंध्र प्रदेश जज गेस्ट हाउस की भी नींव रखी। यह बिल्डिंग आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से सिर्फ 1.2 किलोमीटर की दूरी पर होगी और इसके 80 फीसदी हिस्से में हरियाली होगी।
बार और बेंच दुश्मन नहीं, बल्कि एक ही संस्था के दो हाथ हैं
अमरावती के कार्यक्रम से पहले, सीजेआई सूर्यकांत ने तिरुपति में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने न्यायपालिका में बार और बेंच के संबंधों पर जोर दिया।
“बार और बेंच दुश्मन नहीं हैं, बल्कि एक ही संस्था के दो हाथ हैं। एक मजबूत बार मजबूत वकालत पैदा करता है, और जब मजबूत वकालत होती है, तो यह जजों को ज्यादा सोचने, ज्यादा ध्यान से तर्क करने और ज्यादा साफ लिखने के लिए चुनौती देता है।”- CJI सूर्यकांत
उन्होंने कहा कि बार जितनी अच्छी बहस करेगा, फैसले की गुणवत्ता उतनी ही बेहतर होगी, जिससे कानून के राज में लोगों का विश्वास मजबूत होता है।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहे मौजूद?
अमरावती में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के अलावा आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर, सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जेके माहेश्वरी, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा, जस्टिस एसवी एन भट्टी और जस्टिस जॉयमाल्या बागची भी शामिल हुए।





