दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ‘फांसी घर’ से जुड़े मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष 6 मार्च को उपस्थित होंगे। उन्होंने समिति के समन के जवाब में पत्र लिखकर अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है।
उन्होंने समिति को लिखित पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है और पारदर्शिता के लिए कार्यवाही के लाइव प्रसारण की मांग की है। दिल्ली के पूर्व सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बारे में पोस्ट करते हुए राजधानी की वर्तमान स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
क्या है मामला
यह विवाद साल 2022 में शुरू हुआ था जब तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने दिल्ली विधानसभा परिसर में एक कमरे का उद्घाटन ‘फांसी घर’ के रूप में किया था। आप सरकार ने इसे ब्रिटिश काल का ऐतिहासिक फांसीघर बताया था, जहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी। लेकिन 2025 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद इस दावे को फर्जी करार दिया गया। विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वह कमरा वास्तव में ‘टिफिन रूम’ था। आरोप लगा कि आप सरकार ने सरकारी फंड का दुरुपयोग कर झूठा प्रचार किया जो विधानसभा के विशेषाधिकार का उल्लंघन है।
मामले पर विशेषाधिकार समिति ने जांच शुरू की और केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, राम निवास गोयल तथा राखी बिड़ला को कई बार तलब किया। अनुपस्थिति पर उन्हें सदन की अवमानना का दोषी ठहराया गया। इस साल जनवरी में समिति ने ‘उचित कार्रवाई’ की सिफारिश की थी। फरवरी में अंतिम अल्टीमेटम दिया गया, जिसके बाद केजरीवाल ने अब उपस्थिति की पुष्टि की है।
अरविंद केजरीवाल ने समिति के सामने उपस्थित होने की पुष्टि की
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के समन का जवाब देते हुए पुष्टि की है कि वे 6 मार्च को दोपहर तीन बजे ‘फांसी घर’ मामले में समिति के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगे। उन्होंने समिति को पत्र भेजकर इस बात की जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा है कि ‘”दिल्ली प्रदूषण से जूझ रही है। सड़कें टूटी पड़ी हैं। हर तरफ कूड़े के ढेर हैं। अस्पतालों में दवाइयां नहीं हैं। दिल्ली विधानसभा ने “फांसी घर” पर प्रश्न पूछने के लिए मुझे बुलाया है।’ इसी के साथ उन्होंने पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए समिति से कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने की मांग की है।






